Delhi: दिल्ली सरकार ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए नालों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण मंत्री Parvesh Sahib Singh ने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक नालों से करीब 14 लाख मीट्रिक
Delhi: दिल्ली सरकार ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए नालों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण मंत्री Parvesh Sahib Singh ने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक नालों से करीब 14 लाख मीट्रिक टन गाद (Silt) निकाली जा चुकी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने आदेश दिया है कि मानसून आने से पहले यानी 30 जून तक ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए ताकि जनता को परेशानी न हो।
नालों की सफाई के लिए क्या है सरकार का लक्ष्य?
बाढ़ नियंत्रण मंत्री Parvesh Sahib Singh ने शुक्रवार 10 अप्रैल को बारापुला नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस साल कुल 28 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 50 प्रतिशत काम मार्च के अंत तक ही पूरा कर लिया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले साल करीब 20 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई थी, लेकिन इस बार शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लक्ष्य को और बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागों की तैयारी क्या है?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक हाई-लेवल बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने PWD, MCD, DMRC और DDA जैसे विभागों को मिलकर काम करने को कहा है ताकि काम में कोई रुकावट न आए। बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- सभी नालों की सफाई का काम 30 जून 2026 तक पूरा करना अनिवार्य होगा।
- नालों से निकाली गई गाद को तुरंत सुरक्षित डंपिंग साइट्स पर पहुंचाया जाए।
- उन इलाकों पर खास ध्यान दिया जाए जहां कूड़े की वजह से नाले जाम हो जाते हैं।
- अधिकारी खुद मौके पर जाकर सफाई के काम की निगरानी करेंगे।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग इस पूरे अभियान को समय पर पूरा करने के लिए जी-जान से लगा है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि बारिश शुरू होने से पहले दिल्ली के नाले पूरी तरह साफ हों ताकि सड़कें तालाब न बनें।