Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) अब एक नया तरीका अपना रही है। इसके लिए विभाग एक मोबाइल प्रयोगशाला वैन खरीदने जा रहा है, जिसे ‘लैब ऑन व्हील्स’ कहा जाएगा। यह वै
Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) अब एक नया तरीका अपना रही है। इसके लिए विभाग एक मोबाइल प्रयोगशाला वैन खरीदने जा रहा है, जिसे ‘लैब ऑन व्हील्स’ कहा जाएगा। यह वैन नदी के किनारे और नालों के पास जाकर तुरंत पानी की जांच करेगी, ताकि प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
मोबाइल वैन से कैसे होगी यमुना की निगरानी
DPCC ने इस मोबाइल वैन के लिए मई 2026 की शुरुआत में टेंडर जारी किया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये है। यह वैन उन तंग रास्तों पर भी जा सकेगी जहां बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं। इसकी मदद से अधिकारी मौके पर ही पानी के सैंपल लेंगे और उनकी जांच करेंगे। यह सिस्टम अगले पांच सालों तक काम करेगा, जिसकी देखरेख चुनी गई एजेंसी करेगी।
प्रदूषण रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जा रहे हैं
यमुना की सेहत सुधारने के लिए केवल मोबाइल वैन ही नहीं, बल्कि 41 ऑनलाइन निरंतर निगरानी स्टेशन (OLMS) भी लगाए जा रहे हैं। इनमें से 6 स्टेशन यमुना नदी के किनारे और 35 स्टेशन उन बड़े नालों पर होंगे जो नदी में गिरते हैं। ये सभी स्टेशन मई 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि वे दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए समयबद्ध योजना लागू करें।
अभी पानी की जांच कैसे होती है और क्या समस्या है
फिलहाल DPCC हर महीने आठ अलग-अलग जगहों से पानी के सैंपल लेकर मैनुअल जांच करता है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, यमुना के कुछ हिस्सों में फिकल कोलीफॉर्म (गंदा पानी) और BOD का स्तर बढ़ा हुआ मिला है, जो बताता है कि अभी भी बहुत सारा बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज नदी में जा रहा है। मोबाइल वैन आने से अब लैब तक सैंपल भेजने का समय बचेगा और तुरंत रिपोर्ट मिल सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DPCC की मोबाइल वैन का मुख्य काम क्या होगा?
यह वैन एक चलती-फिरती लैब की तरह काम करेगी, जो यमुना, बड़े नालों और औद्योगिक क्षेत्रों से पानी के सैंपल लेकर मौके पर ही उनकी जांच करेगी ताकि प्रदूषण का तुरंत पता चल सके।
यमुना की निगरानी के लिए कितने OLMS स्टेशन लगाए जा रहे हैं?
कुल 41 ऑनलाइन निरंतर निगरानी स्टेशन (OLMS) लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 6 यमुना नदी में और 35 नदी में गिरने वाले प्रमुख नालों पर स्थापित किए जाएंगे।