Delhi: दिल्ली की जिला अदालतों में काम करने वाले जजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हालात सामने आए हैं। कई जजों को बड़े अपराधियों और गैंग्स से धमकियां मिल रही हैं, लेकिन उनके पास सुरक्षा के लिए एक PSO तक नहीं है। इस स्थिति की
Delhi: दिल्ली की जिला अदालतों में काम करने वाले जजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हालात सामने आए हैं। कई जजों को बड़े अपराधियों और गैंग्स से धमकियां मिल रही हैं, लेकिन उनके पास सुरक्षा के लिए एक PSO तक नहीं है। इस स्थिति की वजह से जजों को डर के माहौल में काम करना पड़ रहा है, जिसे अब कोर्ट में चुनौती दी गई है।
जजों को किस तरह के खतरों का सामना करना पड़ रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के जिला जजों को गैंगस्टरों और अपराधियों से लगातार उत्पीड़न और धमकियां मिल रही हैं। हाल ही में एक जज को कोर्ट के अंदर ही धमकी दी गई, जबकि एक अन्य जज को टहलते समय डराया गया। दिल्ली में 800 से ज्यादा जिला जज हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम के पास सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं। ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों को क्यों फटकारा?
जस्टिस मनोज जैन की पीठ ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार के रवैये को असंवेदनशील और गंभीरता से रहित बताया है। हाई कोर्ट ने सवाल किया कि जब महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में जजों को सुरक्षा मिलती है, तो दिल्ली में ऐसा क्यों नहीं हो रहा। कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट के जजों की सुरक्षा का मुद्दा बहुत जरूरी है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए अब क्या कदम उठाए जाएंगे?
दिल्ली हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वे एक हफ्ते के भीतर बैठक कर सुरक्षा की नई रणनीति तैयार करें। जस्टिस मनोज जैन ने अधिकारियों को महाराष्ट्र और बिहार के सुरक्षा मॉडल की समीक्षा करने को कहा है। कोर्ट का मानना है कि सुरक्षा केवल तभी नहीं मिलनी चाहिए जब खतरा असल में सामने हो, बल्कि इसके लिए एक व्यापक पॉलिसी होनी चाहिए ताकि सभी जज सुरक्षित महसूस करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के जजों की सुरक्षा को लेकर मुख्य समस्या क्या है?
मुख्य समस्या यह है कि 800 से अधिक जिला जजों में से अधिकांश के पास पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) नहीं हैं, जबकि उन्हें गैंगस्टरों और अपराधियों से लगातार धमकियां मिल रही हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार और पुलिस को एक सप्ताह में बैठक कर रणनीति बनाने का आदेश दिया है और महाराष्ट्र व बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को देखने को कहा है।