Delhi: दिल्ली के सभी जिला कोर्ट में कल यानी 14 मई 2026 को न्यायिक काम पूरी तरह बंद रहेगा। Coordination Committee of All District Court Bar Associations ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। वकीलों का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्
Delhi: दिल्ली के सभी जिला कोर्ट में कल यानी 14 मई 2026 को न्यायिक काम पूरी तरह बंद रहेगा। Coordination Committee of All District Court Bar Associations ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। वकीलों का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट जिला कोर्टों की आर्थिक अधिकार सीमा (pecuniary jurisdiction) को बढ़ाने के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिससे वे नाराज हैं।
वकील क्यों कर रहे हैं न्यायिक काम का बहिष्कार
वकीलों की मुख्य मांग जिला कोर्ट की आर्थिक अधिकार सीमा को बढ़ाना है। वे चाहते हैं कि इसे बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये या असीमित कर दिया जाए। Coordination Committee के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट विजय बिश्नोई ने बताया कि हाई कोर्ट का रवैया मनमाना है और बार एसोसिएशन के साथ बिना सलाह के फैसले लिए जा रहे हैं। इस वजह से वकीलों में गहरा रोष है और उन्होंने काम रोकने का फैसला किया है।
कौन-कौन से कोर्ट और एसोसिएशन शामिल हैं
इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली के लगभग सभी जिला कोर्ट शामिल होंगे। साकेत बार एसोसिएशन और न्यू दिल्ली बार एसोसिएशन ने इस हड़ताल को अपना पूरा समर्थन दिया है। साकेत बार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट अनिल कुमार बैसोया ने अपने सदस्यों से काम से दूर रहने की अपील की है। वहीं, न्यू दिल्ली बार एसोसिएशन के एडवोकेट तरुण राणा ने भी 14 मई को पूर्ण बहिष्कार की पुष्टि की है।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का क्या है कहना
एक तरफ जहां जिला कोर्ट के वकील सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं Delhi High Court Bar Association (DHCBA) इसका विरोध कर रहा है। DHCBA का मानना है कि अगर आर्थिक सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ की गई, तो इससे न्यायिक संतुलन बिगड़ सकता है और न्याय व्यवस्था की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने इस बढ़ोतरी के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करने के लिए एक कमेटी भी बनाई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के जिला कोर्ट में हड़ताल कब है और इसका क्या असर होगा
14 मई 2026 को दिल्ली के सभी जिला कोर्टों में न्यायिक काम पूरी तरह बंद रहेगा। इससे उन लोगों को परेशानी होगी जिनके केस कल सुनने वाले थे या जिन्हें कोर्ट से जुड़े काम थे।
वकीलों की मुख्य मांग क्या है
वकील जिला कोर्ट की आर्थिक अधिकार सीमा (pecuniary jurisdiction) को बढ़ाकर कम से कम 20 करोड़ रुपये या असीमित करने की मांग कर रहे हैं ताकि ज्यादा मूल्य के केस जिला कोर्ट में सुने जा सकें।