Delhi-Dehradun हाईवे बना रियल एस्टेट हॉटस्पॉट, प्रॉपर्टी के रेट बढ़े; न्यूमैक्स टाउनशिप के दूसरे फेज का ऐलान

Delhi/UP/Uttarakhand: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद इस पूरे रूट पर जमीन और मकानों की मांग अचानक बढ़ गई है। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से अब यह इलाका रियल एस्टेट का नया केंद्र बन गया है। गाजियाबाद विकास प्राधि

Delhi/UP/Uttarakhand: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद इस पूरे रूट पर जमीन और मकानों की मांग अचानक बढ़ गई है। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से अब यह इलाका रियल एस्टेट का नया केंद्र बन गया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) और RERA से मान्यता प्राप्त न्यूमैक्स टाउनशिप के दूसरे फेज की घोषणा हो चुकी है, जो करीब 100 एकड़ में फैला होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरणबद्ध तरीके से अप्रैल 2026 में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इस प्रोजेक्ट के बाद दिल्ली से देहरादून पहुंचने का समय 6 घंटे से घटकर अब सिर्फ 2.5 घंटे रह गया है। यही वजह है कि लोग अब यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। न्यूमैक्स सिटी-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत 1 अक्टूबर 2025 से होने की उम्मीद है और इसे 23 जून 2030 तक पूरा किया जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे का असर दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तराखंड तक के कई शहरों पर पड़ा है। गाजियाबाद, बागपत, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, लोनी, नरेला, बवाना, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे इलाके इससे सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं। अकेले बागपत में साल 2024-25 के दौरान जमीन की कीमतों में 30% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

मुख्य विवरण जानकारी
एक्सप्रेसवे की लंबाई 210-213 किलोमीटर
कुल लागत ₹12,000 से ₹13,000 करोड़
कीमतों में संभावित बढ़त 15% से 25% (अगले 18-24 महीने में)
खासियत एशिया का सबसे लंबा 12 किमी एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा
प्रमुख संस्थाएं NHAI, MDA, RERA और न्यूमैक्स बिल्डटेक LLP

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 18 से 24 महीनों में यहां प्रॉपर्टी की दरों में 15% से 25% तक की और वृद्धि हो सकती है। एनारॉक की रिसर्च के मुताबिक, एनसीआर में बड़े नेशनल डेवलपर्स की हिस्सेदारी 2022 के 3% से बढ़कर 2025 के अंत तक 13% से ज्यादा हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इस पूरे प्रोजेक्ट को उत्तराखंड के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।