Delhi-Uttarakhand : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर अब तेज और आसान हो गया है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि कुछ ढाबों के मालिकों ने अ
Delhi-Uttarakhand : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर अब तेज और आसान हो गया है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि कुछ ढाबों के मालिकों ने अपने फायदे के लिए सेफ्टी रेलिंग काट दी है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस रास्ते पर ऐसे अवैध कट बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।
सेफ्टी रेलिंग काटने से क्या होगा खतरा
एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां बहुत तेज रफ्तार में चलती हैं। अगर ढाबों के लिए रेलिंग काटकर अवैध रास्ते बनाए गए हैं, तो अचानक आने वाले वाहन या पैदल चलने वाले लोग किसी बड़े एक्सीडेंट की वजह बन सकते हैं। लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन खतरनाक रास्तों को तुरंत बंद किया जाए ताकि यात्रियों की जान को खतरा न हो।
एक्सप्रेसवे पर पहले भी रहे हैं सुरक्षा मुद्दे
इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बातें सामने आई हैं। जनवरी 2026 में NHAI ने मेरठ सेक्शन में स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए 10 से ज्यादा अवैध कट्स को बंद किया था। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में गणेशपुर के पास एक फ्लाईओवर की दीवार में दरार देखी गई थी और गांधी नगर के सर्विस रोड से अवैध पार्किंग हटवाई गई थी।
सफर के लिए क्या हैं जरूरी नियम
प्रशासन ने यात्रियों के लिए सख्त नियम बनाए हैं। एक्सप्रेसवे पर कहीं भी रुकना, यू-टर्न लेना या गलत दिशा में गाड़ी चलाना मना है। खासकर राजा जी नेशनल पार्क वाले इलाके में अनावश्यक हॉर्न बजाने पर रोक है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक कैमरों के जरिए भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर रफ्तार की सीमा क्या है?
एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा तय की गई है। मोड़ों पर यह सीमा और कम हो जाती है।
एक्सप्रेसवे पर किन वाहनों का प्रवेश वर्जित है?
NHAI के नोटिफिकेशन के अनुसार, गीता कॉलोनी से बागपत तक के एलिवेटेड सेक्शन पर बाइक, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर और गैर-मोटराइज्ड वाहनों का चलना प्रतिबंधित है।