Delhi-Dehradun Expressway की पहली बारिश में खुली पोल, सड़क धंसी; NHAI ने अधिकारियों को किया सस्पेंड

Delhi/Uttarakhand: करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस सड़क का कुछ हिस्सा 30 जून की रात

Delhi/Uttarakhand: करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस सड़क का कुछ हिस्सा 30 जून की रात हुई बारिश के बाद धंस गया। सड़क की इस हालत ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि सड़क धंसने का मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर पानी का जमा होना था। NHAI के मुताबिक, स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से स्थायी जल निकासी प्रणाली (बैलेंसिंग कलवर्ट) को जोड़ा नहीं जा सका था, जिसकी वजह से जलभराव हुआ और सड़क को नुकसान पहुँचा। यात्रियों को हुई इस परेशानी के लिए प्राधिकरण ने खेद जताया है।

इस लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए NHAI ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अथॉरिटी इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर कुलदीप राजदान और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। निर्माण कार्य करने वाली कंपनी चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी (CPC) प्राइवेट लिमिटेड को भी तीन दिन के भीतर जवाब देने का आदेश दिया गया है।

वर्तमान स्थिति यह है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर यातायात को फिर से शुरू कर दिया गया है। जब तक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं होता, तब तक बारिश के पानी की निकासी के लिए एक अस्थायी समानांतर नाले का काम शुरू किया गया है। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को निर्माण में हुए भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं।