Finance: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अब रियल एस्टेट बाजार में बड़ी हलचल दिखने वाली है। इस एक्सप्रेसवे के किनारे बसे शहरों और इलाकों में जमीन और मकानों की मांग तेजी से बढ़ेगी। जानकारों का मानना है कि आने व
Finance: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अब रियल एस्टेट बाजार में बड़ी हलचल दिखने वाली है। इस एक्सप्रेसवे के किनारे बसे शहरों और इलाकों में जमीन और मकानों की मांग तेजी से बढ़ेगी। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में 15% से 25% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
किन इलाकों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के कई माइक्रो मार्केट में निवेश बढ़ेगा। लोहिया वर्ल्डस्पेस के एमडी पीयूष लोहिया ने बताया कि अगले 18-24 महीनों में इन इलाकों में 25% तक दाम बढ़ सकते हैं:
- पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली: शाहदरा, सीमापुरी, करावल नगर, सोनिया विहार, यमुना विहार, लोनी, मंडोली, नरेला और बवाना।
- गाजियाबाद और आसपास: साहिबाबाद क्षेत्र और ट्रोनिका सिटी।
- अन्य शहर: बागपत, शामली, सहारनपुर, हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी के पास के इलाके।
निवेश और कनेक्टिविटी पर क्या असर होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इसके चालू होने से दिल्ली से देहरादून पहुंचने का समय 6-6.5 घंटे से घटकर अब करीब 2.5 घंटे रह जाएगा। कॉलियर्स इंडिया के विमल नादर के अनुसार, इससे औद्योगिक और वेयरहाउसिंग की मांग बढ़ेगी, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ जैसे हब मुजफ्फरनगर और देहरादून से बेहतर तरीके से जुड़ेंगे। वहीं, देहरादून में लग्जरी सेकंड होम, विला और प्लॉटेड डेवलपमेंट की मांग बढ़ेगी।
एक्सप्रेसवे के नियम और सुरक्षा जानकारी
NHAI ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ कड़े नियम लागू किए हैं। 12 अप्रैल 2026 से गीता कॉलोनी से बागपत तक के 26 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से पर मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर और बिना मोटर वाले वाहनों का जाना मना है। यह कदम सड़क हादसों को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही, भारतीय वन्यजीव संस्थान के साथ मिलकर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।