Delhi-Dehradun Expressway से जुड़ेगा Haridwar, सफर का समय होगा आधा; जानिए नया रूट और फायदे

Uttarakhand/UP: दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का विस्तार अब हरिद्वार तक होने जा रहा है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का

Uttarakhand/UP: दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का विस्तार अब हरिद्वार तक होने जा रहा है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही यह पूरी तरह चालू हो जाएगा, जिससे वेस्ट यूपी और दिल्ली के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

इस प्रोजेक्ट को ‘Spur to Haridwar’ कहा जा रहा है। यह करीब 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है। जून 2026 तक इसकी करीब 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और 46 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। NHAI का लक्ष्य है कि 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ से पहले इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाए ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

यह नया रास्ता उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के हलगोया गांव के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से शुरू होगा। यहाँ से यह रुड़की के उत्तरी हिस्से से होते हुए भदेरी राजपूतना में मौजूदा नेशनल हाईवे-58 (NH-58) से जुड़ेगा और फिर हरिद्वार रिंग रोड के बहादुरबाद तक जाएगा। इस रूट की वजह से अब दिल्ली से हरिद्वार पहुँचने में लगने वाला 5-6 घंटे का समय घटकर आधा रह सकता है, और कुछ मामलों में यह सफर 2 घंटे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात यह है कि इसमें शिवालिक फॉरेस्ट और राजाजी नेशनल पार्क के बीच 12 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जो एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर होगा। इसके अलावा, गंगा बेसिन क्षेत्र में पर्यावरण का ध्यान रखते हुए रेनवाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण के उपाय भी किए गए हैं।

इस प्रोजेक्ट से न केवल चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) और ऋषिकेश जाना आसान होगा, बल्कि हरिद्वार शहर के अंदर का ट्रैफिक जाम भी कम होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।