Delhi-Dehradun Expressway की गुणवत्ता पर उठे सवाल, बारिश के बाद धंसी मिट्टी; NHAI ने कई अधिकारियों को किया सस्पेंड
UP/Uttarakhand: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली मानसूनी बारिश ने निर्माण की पोल खोल दी है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में मिट्टी बह गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे सफर करने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है।
UP/Uttarakhand: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली मानसूनी बारिश ने निर्माण की पोल खोल दी है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में मिट्टी बह गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे सफर करने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। इस लापरवाही के बाद NHAI ने कड़ा एक्शन लेते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों को निलंबित कर दिया है।
जुलाई 2026 की शुरुआत में हुई बारिश के बाद बागपत के गांगनौली गांव के पास एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी बह गई और सुरक्षा रेलिंग भी धंस गई। शामली और सहारनपुर के इलाकों में भी सड़क पर दरारें और गड्ढे देखे गए हैं। मुजफ्फरनगर में तो हालात इतने खराब थे कि मुख्य सड़क पर बने गड्ढों की वजह से एक बस समेत चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा डाट काली मंदिर के पास एलिवेटेड हिस्से पर छह बड़ी चट्टानें लटक रही थीं, जिनमें से अब तक सिर्फ तीन को ही हटाया जा सका है।
NHAI की बागपत इकाई की जांच में यह बात सामने आई कि मिट्टी का कटाव और गड्ढे खराब जल-निकासी, मिट्टी की सही से कुटाई (कंपैक्शन) न होने और ढाल संरक्षण में कमी के कारण हुए हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस नए एक्सप्रेसवे की क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इस मामले में NHAI ने सख्त कदम उठाते हुए एक टीम लीडर, प्रोजेक्ट मैनेजर और ठेकेदार को सस्पेंड कर प्रोजेक्ट से हटा दिया है। एक सहायक राजमार्ग अभियंता पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, सुपरविजन करने वाली फर्म मेसर्स चैतन्य प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी लिमिटेड और निर्माण कंपनी मेसर्स कृष्णा कांस्टेलेशन प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
वहीं, सोशल मीडिया पर गणेशपुर-देहरादून सेक्शन में भूस्खलन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे NHAI ने भ्रामक बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, वहां 22 मई 2026 से पहले से तय स्लोप स्टेबिलाइजेशन का काम चल रहा है। NHAI ने भरोसा दिया है कि जल्द ही सभी खामियों को दूर कर मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।