UP और Uttarakhand : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर पिछले दो दिनों में हुए हादसों ने सबको डरा दिया है। 48 घंटे के अंदर दो बड़ी दुर्घटनाएं हुईं जिनमें चार लोगों की जान चली गई। हैरानी की बात यह है कि यह एक्सप्रेस-वे अभी आध
UP और Uttarakhand : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर पिछले दो दिनों में हुए हादसों ने सबको डरा दिया है। 48 घंटे के अंदर दो बड़ी दुर्घटनाएं हुईं जिनमें चार लोगों की जान चली गई। हैरानी की बात यह है कि यह एक्सप्रेस-वे अभी आधिकारिक तौर पर खुला भी नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को करेंगे।
हाल ही में हुए हादसे और मृतकों की जानकारी
बागपत और मुजफ्फरनगर के पास अलग-अलग समय पर भीषण टक्करें हुईं। इन हादसों की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख |
जगह |
हादसा |
नुकसान |
| 8 अप्रैल 2026 |
बागपत (मवीकला) |
कार डिवाइडर से टकराई |
2 इंजीनियर (कपिल और प्रयाग) की मौत |
| 9 अप्रैल 2026 |
बागपत (डूंडाहेड़ा) |
दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर |
2 की मौत (आरिफ और मुनफीद), 3 घायल |
| 9 अप्रैल 2026 |
मुजफ्फरनगर (ड्रीम सिटी) |
Scorpio और Alto की टक्कर |
2 लोगों की मौत |
हादसे क्यों हो रहे हैं और क्या हैं नियम
पुलिस और अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार इन दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह है। कई लोग Google Maps के भरोसे निर्माणाधीन रास्ते पर पहुंच जा रहे हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है। NHAI ने रफ्तार के लिए कुछ नियम तय किए हैं:
- कारों के लिए अधिकतम स्पीड: 100 किमी प्रति घंटा
- भारी वाहनों के लिए स्पीड: 80 किमी प्रति घंटा
- दोपहिया वाहनों के लिए स्पीड: 60 किमी प्रति घंटा
प्रशासन और NHAI की तैयारी
ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम लगाए गए हैं। NHAI अब बसों और ट्रकों के लिए मंथली पास और पार्किंग नियमों में बदलाव कर रहा है ताकि सड़क किनारे अवैध पार्किंग न हो। दिल्ली नगर निगम को भी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरा एक्सप्रेस-वे करीब 14,000 करोड़ रुपये की लागत से बना है, जिसमें वन्यजीवों के लिए खास अंडरपास भी बनाए गए हैं।