Delhi: दिल्ली की 1511 अवैध कॉलोनियों के लिए राहत की खबर आई है। DDA और दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे करीब 45 लाख लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिल सकेगा। हालांकि, मालिकाना
Delhi: दिल्ली की 1511 अवैध कॉलोनियों के लिए राहत की खबर आई है। DDA और दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे करीब 45 लाख लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिल सकेगा। हालांकि, मालिकाना हक पाने के लिए लोगों को कुछ नियमों और अतिरिक्त शुल्कों का पालन करना होगा।
नियमितीकरण के लिए कौन पात्र है और आवेदन कैसे होगा?
नियमितीकरण का लाभ केवल उन्हीं घरों को मिलेगा जो 1 जून 2014 से पहले बने थे या खरीदे गए थे। मालिकाना हक के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। आवेदन के बाद 7 दिनों में GIS सर्वे होगा और सभी कमियों को दूर करने के बाद 45 दिनों के भीतर कन्वेंस डीड जारी कर दी जाएगी। इसके लिए PM-UDAY, MCD SWAGAM और NGDRS पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा।
शुल्क और निर्माण से जुड़े नए नियम क्या हैं?
इन कॉलोनियों को ‘जैसा है, जहां है’ के आधार पर नियमित किया जाएगा, यानी मौजूदा ढांचे को मान्यता मिलेगी। लेकिन अगर किसी ने मास्टर प्लान के नियमों (जैसे ऊंचाई या ग्राउंड कवरेज) से ज्यादा निर्माण किया है, तो उसे तीन गुना दंडात्मक शुल्क देना होगा। भविष्य में किसी भी नए निर्माण या बदलाव के लिए MCD के नियमों और संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज 2016 का पालन करना अनिवार्य होगा।
अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और सुविधाएं
| विषय |
नियम/विवरण |
| सड़क चौड़ाई |
पुनर्विकास के समय आंतरिक सड़क 6 मीटर और पहुंच सड़क 9 मीटर के लिए 50% जमीन छोड़नी होगी |
| दुकानें |
6 मीटर से चौड़ी सड़क पर 20 वर्ग मीटर और छोटी सड़क पर 10 वर्ग मीटर तक की दुकानें नियमित होंगी |
| निगरानी |
MCD हर दो महीने में AI ड्रोन सर्वे करेगा ताकि नया अवैध निर्माण न हो |
| भूमि उपयोग |
सभी भूखंडों और इमारतों का उपयोग आवासीय माना जाएगा |
| सर्किल रेट |
दिल्ली सरकार, DDA और L&DO के बीच सर्किल रेट को एकीकृत कर एक समान दर लागू होगी |