Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी की किल्लत और पर्यावरण की समस्याओं को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) शहर के 77 जल निकायों का कायाकल्प और जीर्णोद्धार करेगा। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सि
Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी की किल्लत और पर्यावरण की समस्याओं को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) शहर के 77 जल निकायों का कायाकल्प और जीर्णोद्धार करेगा। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस काम में कोई देरी न हो और तय समय के भीतर इसे पूरा किया जाए।
कायाकल्प का काम कब तक पूरा होगा?
इस पूरी योजना को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है ताकि काम तेजी से हो सके। पहले चरण में 6 जल निकायों को 30 दिनों के भीतर ठीक करने का लक्ष्य है। इसके बाद 48 छोटे जल निकायों को 60 दिनों में और बाकी बचे 23 बड़े जल निकायों को 90 दिनों के अंदर बहाल किया जाएगा। यह काम 9 मई, 2026 से शुरू हो चुका है।
सफाई और सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
DDA के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में उन जल निकायों पर ध्यान दिया जाएगा जो सूख रहे हैं या पूरी तरह मृत हो चुके हैं। इसके लिए ड्रेजिंग, खुदाई और डी-सिल्टिंग का काम किया जाएगा। साथ ही बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा जमा करने के लिए कैचमेंट एरिया की सफाई की जाएगी, जिससे भूजल स्तर (Groundwater) में सुधार हो सके।
दूसरे चरण में क्या बदलाव आएंगे?
पुनरुद्धार के दूसरे चरण में केवल सफाई ही नहीं, बल्कि सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जाएगा। इसमें तटबंधों को मजबूत करना, नए पेड़ लगाना, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाना और बाड़ लगाने जैसे काम शामिल होंगे। इसके अलावा उपराज्यपाल ने द्वारका, रोहिणी और नरेला जैसे इलाकों के विकास के लिए भी अधिकारियों को जरूरी योजनाएं तुरंत लागू करने को कहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में कितने जल निकायों का कायाकल्प किया जा रहा है?
DDA कुल 77 जल निकायों का कायाकल्प करेगा, जिसमें छोटे और बड़े दोनों तरह के जलाशय शामिल हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य गर्मियों से पहले पानी की कमी को दूर करना, भूजल स्तर को बढ़ाना और शहर के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखना है।