Delhi: दिल्ली में घर बनाने वालों और बिल्डर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मंगलवार, 12 मई 2026 को एक AI-संचालित सिंगल-विंडो बिल्डिंग अप्रूवल सिस्टम शुरू किया है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू के निर्दे
Delhi: दिल्ली में घर बनाने वालों और बिल्डर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मंगलवार, 12 मई 2026 को एक AI-संचालित सिंगल-विंडो बिल्डिंग अप्रूवल सिस्टम शुरू किया है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू के निर्देशों पर शुरू की गई इस व्यवस्था का मकसद लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और भ्रष्टाचार से बचाना है। अब लोग ऑनलाइन तरीके से ही अपने मकान के नक्शे और जरूरी कागजात जमा कर सकेंगे।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या होगा फायदा
यह नया सिस्टम ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (OBPS) के तहत काम करेगा। इसमें नागरिकों, घर मालिकों, आर्किटेक्ट्स और डेवलपर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर बिल्डिंग प्लान और जरूरी दस्तावेज जमा करने की सुविधा मिलेगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब अलग-अलग विभागों से एनओसी (NOC) लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दिल्ली के यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज-2016 (UBBL-2016) के आधार पर यह पूरी प्रक्रिया चलेगी।
कितने समय में मिलेगी मंजूरी और कौन सी एजेंसियां जुड़ी हैं
स्थानीय निकायों द्वारा भवन परमिट देने की समय सीमा को घटाकर अब अधिकतम 30 दिन कर दिया गया है। साथ ही, 1,50,000 वर्ग मीटर तक के निर्माण के लिए अब पर्यावरण मंत्रालय (MoEF & CC) से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी, इसे बिल्डिंग अप्रूवल प्रक्रिया में ही जोड़ दिया गया है। इस सिस्टम में ASI/NMA, DFS, AAI, DUAC, HCC और DMRC जैसी कई बाहरी एजेंसियों को भी ऑनलाइन जोड़ दिया गया है ताकि काम तेजी से हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DDA के नए ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम से क्या फायदा होगा?
इससे भ्रष्टाचार और सरकारी दफ्तरों में होने वाली परेशानी कम होगी। अब लोग घर बैठे ऑनलाइन नक्शे और एनओसी जमा कर सकेंगे और 30 दिनों के भीतर परमिट मिल सकेगा।
क्या अब पर्यावरण मंजूरी (EC) के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं, 1,50,000 वर्ग मीटर तक के निर्मित क्षेत्र वाले भवनों के लिए पर्यावरण मंजूरी को अब बिल्डिंग स्वीकृति प्रक्रिया में ही एकीकृत कर दिया गया है।