Delhi में ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का भंडाफोड़, 15 लाख की ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
Delhi: रोहिणी के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन जालसाजों ने खुद को टेलीकॉम और पुलिस अध
Delhi: रोहिणी के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन जालसाजों ने खुद को टेलीकॉम और पुलिस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की थी।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साथ ही, बैंक खातों में जमा 1,03,142 रुपये को भी फ्रीज कर दिया गया है। यह पूरी जानकारी दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की है।
डिजिटल अरेस्ट के इस खेल में ठग अक्सर लोगों को फोन करते हैं और खुद को CBI, ED या पुलिस अधिकारी बताते हैं। वे पीड़ित को डराते हैं कि उनके नाम पर कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में फंसे हैं। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप या स्काइप वीडियो कॉल पर रखा जाता है और घर से बाहर न निकलने की धमकी दी जाती है, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।
अंत में, मामले को रफा-दफा करने के बहाने ठग पीड़ित से बैंक ट्रांसफर या UPI के जरिए पैसों की मांग करते हैं। सरकार और पुलिस ने बार-बार चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। किसी भी ऐसे संदिग्ध कॉल की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है।