Delhi में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ अपराध बढ़े, 55% मामलों में पुलिस नहीं ढूंढ पाई आरोपी

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट भारत से आने वाले लोगों के साथ होने वाले अपराधों के आंकड़े डराने वाले हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे आधे से ज्यादा मामलों में पुलिस आरोपियों की पहचान तक नहीं कर पाई। यह स्थिति

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट भारत से आने वाले लोगों के साथ होने वाले अपराधों के आंकड़े डराने वाले हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे आधे से ज्यादा मामलों में पुलिस आरोपियों की पहचान तक नहीं कर पाई। यह स्थिति उन लोगों के लिए चिंताजनक है जो काम या पढ़ाई के लिए दिल्ली आते हैं।

The Indian Express द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ कुल 2,656 FIR दर्ज की गईं। इनमें से 1,465 मामले यानी करीब 55% ‘अनट्रेस’ रहे। इसका मतलब यह है कि पुलिस जांच के बावजूद आरोपियों को न तो ढूंढा जा सका और न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया।

विवरण आंकड़े
कुल दर्ज FIR (2014 – अप्रैल 2026) 2,656
अनट्रेस मामले (आरोपी नहीं मिले) 1,465 (55%)
सजा मिलने वाले मामले (Conviction) 33
सजा की दर (Conviction Rate) 1.82%
ट्रायल के लिए लंबित मामले 771
जांच के अधीन मामले 74

साल 2026 में भी इस तरह के अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसी साल नेहरू प्लेस के पास असम की दो महिलाओं के साथ मारपीट और नस्लीय टिप्पणी की शिकायत मिली थी। वहीं मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं ने अपने पड़ोसियों पर नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर पुलिस अधिकारियों ने अब ACP Headquarters को निर्देश दिए हैं। उन्हें उन सभी केसों की समीक्षा करने को कहा गया है जिनकी जांच पिछले दो साल से ज्यादा समय से अटकी हुई है।