Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के मुखर्जी नगर में नकली दवाओं के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां चल रही एक अवैध यूनिट से करीब 6 करोड़ रुपये की नकली दवाएं और पैकेजिंग मशीनें बरामद की है
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के मुखर्जी नगर में नकली दवाओं के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां चल रही एक अवैध यूनिट से करीब 6 करोड़ रुपये की नकली दवाएं और पैकेजिंग मशीनें बरामद की हैं। इस गिरोह ने कैंसर, इंसुलिन और रेबीज जैसी बेहद जरूरी दवाओं के साथ छेड़छाड़ कर लोगों की जान जोखिम में डाली थी।
कैसे चलता था नकली दवाओं का यह काला कारोबार
जांच में पता चला कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के लिए आने वाली दवाओं को हासिल करता था। इसके बाद दवाओं के असली लेबल हटाकर उन पर फर्जी लेबल लगाए जाते थे। इन नकली दवाओं को दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों जैसे कोलकाता, गुवाहाटी और इंफाल में बेचा जाता था। पैसों के लेनदेन के लिए यह गिरोह हवाला चैनलों का इस्तेमाल करता था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या हुआ बरामद
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मास्टरमाइंड मनोज कुमार जैन (56), राजू कुमार मिश्रा (57), विक्रम सिंह उर्फ सन्नी (32) और वतन (35) शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में दवाएं और मशीनें जब्त की हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
| दवा का नाम |
मात्रा |
| हेपबेस्ट गोलियां |
7,900 |
| रेबीज वैक्सीन |
953 |
| विटामिन-डी इंजेक्शन |
1,500 |
| इंसुलिन कार्ट्रिज |
315 |
| हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन |
2,500 |
| स्नेक वेनम एंटीसीरम |
55 |
पुलिस उपायुक्त (अपराध) पंकज कुमार ने बताया कि यह सिंडिकेट जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा था। आरोपियों ने मुखर्जी नगर और हरियाणा के पंचकूला व डेराबस्सी में अपनी यूनिट्स बनाई थीं, जहां ह्यूमन एल्ब्यूमिन जैसी महंगी दवाओं की नकल तैयार की जाती थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली दवाएं कहां-कहां सप्लाई की जा रही थीं?
यह सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों जैसे कोलकाता, गुवाहाटी और इंफाल में नकली दवाएं सप्लाई कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों ने दवाओं के साथ क्या छेड़छाड़ की थी?
आरोपी यूपी के सरकारी अस्पतालों की दवाओं के असली लेबल हटाकर उन पर फर्जी लेबल लगाते थे और फिर उन्हें बाजार में बेचते थे।