Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी IPO और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले तीन अलग-अलग गैंग को पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में गुजरात, राजस्थान और मध
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी IPO और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले तीन अलग-अलग गैंग को पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरोहों ने मिलकर करीब 1.22 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की है।
कैसे हुई ठगी और कौन हुए शिकार
पुलिस के मुताबिक, ठगों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाया। पहले मामले में लक्ष्मी नगर के एक व्यक्ति से फर्जी स्टॉक मार्केट और IPO के नाम पर 46.66 लाख रुपये ठगे गए। दूसरे मामले में एक महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 36.19 लाख रुपये लिए गए। तीसरे मामले में गगन विहार एक्सटेंशन के रहने वाले एक व्यक्ति से फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए 40.12 लाख रुपये की ठगी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों और उनके रोल की जानकारी
| आरोपी का नाम |
कहाँ से पकड़ा गया |
ठगी का तरीका |
| Rajesh Ratanbhai Hadia |
सूरत, Gujarat |
फर्जी IPO निवेश और बैंक खाते उपलब्ध कराना |
| Musvir Khan |
कोटा, Rajasthan |
डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों का संचालन |
| Shubham Rathore |
भोपाल, MP |
फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और संदिग्ध लेनदेन |
पुलिस की चेतावनी और बचाव के तरीके
डीसीपी आदित्य गौतम ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और अनजान ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से दूर रहें। पुलिस ने साफ किया है कि CBI, ED, TRI या मुंबई क्राइम ब्रांच जैसी कोई भी सरकारी एजेंसी ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है। अगर कोई आपसे फोन पर ऐसी मांग करे या पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो तुरंत सावधान हो जाएं और पुलिस को सूचना दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है और इससे कैसे बचें?
इसमें ठग खुद को CBI या ED जैसा अधिकारी बताकर डराते हैं और वीडियो कॉल पर व्यक्ति को ‘अरेस्ट’ होने का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं। याद रखें कि भारत में कोई भी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।
साइबर ठगी होने पर क्या करना चाहिए?
किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें और निवेश योजनाओं की जांच करें। ठगी होने पर तुरंत दिल्ली पुलिस की साइबर सेल या राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।