Delhi: SFI नेता आइशी घोष की गिरफ्तारी पर रोक, पटियाला हाउस कोर्ट ने वारंट के अमल को रोका

Delhi: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को उनके खिलाफ जारी एक गैर-जमानती वारंट (NBW) के अमल पर रोक लगा दी है। न्यायिक मजिस्ट्

Delhi: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को उनके खिलाफ जारी एक गैर-जमानती वारंट (NBW) के अमल पर रोक लगा दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-05 विजयश्री राठौर ने यह आदेश दिया है।

यह पूरा मामला 2021 में बंगा भवन के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आइशी घोष पर लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा (धारा 188) और आपराधिक अतिचार (धारा 447) जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज था। कोर्ट में पेश न होने की वजह से उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। उनके वकीलों ने अदालत में दलील दी कि कुछ जरूरी कारणों से वह पिछली सुनवाई की तारीखों पर नहीं आ पाई थीं।

इस मामले में तनाव तब बढ़ा जब मंगलवार, 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने CPI(M) के राष्ट्रीय मुख्यालय (एकेजी भवन) में घुसकर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। इस घटना के बाद CPI(M) ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन प्रवेश किया और यह सब हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों का बदला है। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास भी इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए थे और बुधवार को उन्होंने सदन में यह मामला उठाया जिससे कार्यवाही में बाधा आई।

दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे केवल अदालत के आदेशों का पालन कर रहे थे। कोर्ट ने अब 30 जुलाई 2026 तक वारंट पर रोक लगा दी है और आइशी घोष को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हों।