Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर Vinesh Chandel को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें 7 मई 2026 तक जेल में रहना होगा। यह पूरा मामला कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के शक में च
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर Vinesh Chandel को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें 7 मई 2026 तक जेल में रहना होगा। यह पूरा मामला कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के शक में चल रहा है, जिसकी जांच Enforcement Directorate (ED) कर रही है।
Vinesh Chandel को क्यों भेजा गया जेल में?
ED का आरोप है कि I-PAC ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी में ‘50% चेक’ सिस्टम चलता था, जिसमें आधा पैसा कागजों पर दिखाया जाता था और बाकी कैश में लिया जाता था। इस काले धन का इस्तेमाल चुनाव खर्च और लोगों की सोच बदलने के लिए किया गया। अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की रकम पकड़ी जा चुकी है।
जांच में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए हैं?
- ED ने आरोप लगाया कि Chandel ने सबूत मिटाने के लिए ईमेल और जरूरी डेटा डिलीट करने के निर्देश दिए थे।
- यह मामला 2020 में CBI द्वारा दर्ज की गई कोयला चोरी की FIR से जुड़ा है।
- ED ने I-PAC के ऑफिस और प्रतोक जैन के कोलकाता वाले घर पर छापेमारी की थी।
- दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई में भी कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
इस मामले से जुड़े मुख्य विवरण क्या हैं?
| विवरण |
जानकारी |
| मुख्य आरोपी |
Vinesh Chandel (I-PAC डायरेक्टर) |
| जांच एजेंसी |
Enforcement Directorate (ED) |
| आरोप |
मनी लॉन्ड्रिंग और PMLA का उल्लंघन |
| पकड़ी गई रकम |
लगभग 50 करोड़ रुपये |
| हिरासत की अवधि |
7 मई 2026 तक |
| शुरुआती FIR |
नवंबर 2020 (CBI द्वारा) |
राजनीतिक दलों का इस पर क्या कहना है?
Vinesh Chandel के वकील विकास पाहवा ने इस केस को राजनीतिक साजिश बताया है। वहीं Trinamool Congress (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बदले की भावना से की गई है, ताकि पार्टी के चुनाव प्रचार में बाधा डाली जा सके।