Delhi में फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी करने वाले मास्टरमाइंड की जमानत याचिका खारिज, सरकार को 48 करोड़ का नुकसान
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने फर्जी कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी करने वाले एक बड़े मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह के फर्जीवाड़े से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचता है। यह
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने फर्जी कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी करने वाले एक बड़े मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह के फर्जीवाड़े से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचता है। यह पूरा मामला करीब 150 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों रुपये के टैक्स चोरी से जुड़ा है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Virender Kharta ने 30 जून 2026 को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी Raj Kumar Dixit को इस पूरे टैक्स चोरी रैकेट का मास्टरमाइंड माना है। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील GC Soni ने दलील दी कि अगर आरोपी को जमानत मिली, तो उसके फरार होने का खतरा है। कोर्ट ने इस बात को सही माना और जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
इस घोटाले में इस्तेमाल किए गए आंकड़ों की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल फर्जी कंपनियां (Shell Firms) | 200 से 250 |
| कुल टर्नओवर | करीब 687 करोड़ रुपये |
| मनी लॉन्ड्रिंग की रकम | करीब 150 करोड़ रुपये |
| GST में सरकारी नुकसान | करीब 48 करोड़ रुपये |
| प्रभावित लोग | 200 से ज्यादा गरीब और मासूम लोग |
जांच में सामने आया कि Raj Kumar Dixit ने करीब 200 से 250 फर्जी कंपनियां खोली थीं। इन कंपनियों को खोलने के लिए कई गरीब और मासूम लोगों के नाम का इस्तेमाल किया गया। अभी तक केवल नौ पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि 200 से ज्यादा अन्य लोगों को ढूंढकर उनसे पूछताछ की जानी बाकी है।