Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए news वेबसाइट OpIndia को पत्रकार Swati Chaturvedi के खिलाफ लिखे दो लेख हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक मानहानि का मामला चल रहा है, इन ल
Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए news वेबसाइट OpIndia को पत्रकार Swati Chaturvedi के खिलाफ लिखे दो लेख हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक मानहानि का मामला चल रहा है, इन लेखों के ऑनलाइन रहने से पत्रकार की प्रोफेशनल साख को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
कोर्ट ने लेख हटाने का आदेश क्यों दिया?
जिला जज Meenu Kaushik ने 13 मई को यह आदेश जारी किया। कोर्ट का मानना था कि इन लेखों के लगातार प्रसारित होने से Swati Chaturvedi की प्रतिष्ठा को ऐसी चोट पहुंच सकती है जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लेखों को अस्थायी रूप से हटाने से OpIndia को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि वे ट्रायल के दौरान अपने दावों को सच साबित करने के लिए स्वतंत्र हैं।
OpIndia की दलील और कोर्ट का रुख
मामले की सुनवाई के दौरान OpIndia ने तर्क दिया कि लेखों को हटाने का आदेश देना अभिव्यक्ति की आजादी (free speech) पर पाबंदी लगाने जैसा है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और लेखों को हटाने या ब्लॉक करने का आदेश दिया। Swati Chaturvedi की तरफ से वकील Akshat ने कोर्ट में पैरवी की। यह आदेश अब मुकदमे की कार्यवाही पूरी होने तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने यह आदेश कब और क्यों दिया?
पटियाला हाउस कोर्ट की जिला जज Meenu Kaushik ने 13 मई को यह आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि मानहानि का केस चलने के दौरान लेखों के ऑनलाइन रहने से पत्रकार Swati Chaturvedi की प्रोफेशनल इमेज को गंभीर नुकसान हो सकता है।
OpIndia ने कोर्ट में क्या दलील दी थी?
OpIndia ने तर्क दिया था कि लेखों को हटाने का आदेश देना उनकी फ्री स्पीच यानी बोलने और लिखने की आजादी को रोकना होगा, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।