Delhi: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के दो अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक अदालत ने भ्रष्टाचार और साजिश के मामले में डीएसपी आर.के. ऋषि और अधिकारी समीर कुमार सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
Delhi: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के दो अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक अदालत ने भ्रष्टाचार और साजिश के मामले में डीएसपी आर.के. ऋषि और अधिकारी समीर कुमार सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इन अधिकारियों पर जांच को प्रभावित करने और आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इन अधिकारियों पर क्या आरोप लगे हैं?
अदालत के मुताबिक, डीएसपी आर.के. ऋषि और समीर कुमार सिंह ने कुछ मामलों में जांच की निष्पक्षता से समझौता किया। आरोप है कि उन्होंने बाहरी आर्थिक लाभ के लिए ऐसा किया। समीर कुमार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गोपनीय जानकारी चोरी की और डीएसपी की गलत गतिविधियों में मदद की। उनके बैंक खाते में 2019 के दौरान करीब 5.5 लाख रुपये जमा हुए थे, जो सरकारी नियमों के हिसाब से तय सीमा से ज्यादा थे।
किसे मिली राहत और क्या रही अदालत की टिप्पणी?
इस मामले में सीबीआई इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ और मैसर्स फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड को बरी कर दिया गया है। विशेष न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि रिश्वत लेने या देने का कोई गवाह नहीं मिला और न ही किसी से पैसे बरामद हुए। अदालत ने माना कि इस वजह से अभियोजन पक्ष का मामला काफी कमजोर है। साथ ही, आरोपियों के इकबालिया बयानों को भी सबूत के तौर पर खारिज कर दिया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय हुए हैं?
दिल्ली की अदालत ने डीएसपी आर.के. ऋषि और सेलेक्शन ग्रेड-II अधिकारी समीर कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय करने का आदेश दिया है।
अदालत ने किन लोगों को इस मामले में बरी किया?
सबूतों की कमी के कारण अदालत ने सीबीआई इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ और निजी कंपनी मैसर्स फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड को बरी कर दिया है।