Delhi: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में तक्षशिला एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता को जमानत दे दी है। यह यो
Delhi: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में तक्षशिला एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता को जमानत दे दी है। यह योजना गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को मुफ्त कोचिंग देने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन इसमें करोड़ों रुपये के हेरफेर के आरोप लगे हैं।
नरेंद्र कुमार गुप्ता को जमानत क्यों मिली?
स्पेशल जज रुचि अग्रवाल असरानी ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को सिर्फ सजा देने के मकसद से जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने माना कि गुप्ता 30 अप्रैल 2026 से न्यायिक हिरासत में हैं और अब जांच के लिए उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं है। उन्हें 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
क्या है जय भीम योजना घोटाला और अब तक की कार्रवाई?
यह मामला 2018-19 और 2020-21 के दौरान सरकारी खजाने से गलत तरीके से पैसे निकालने से जुड़ा है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में FIR दर्ज की थी। आरोप है कि 15 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना में 142 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी बिल पास किए गए।
- दिसंबर 2017: दिल्ली सरकार ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना शुरू की।
- अगस्त 2025: ACB ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद FIR दर्ज की।
- मई 2026: विभिन्न कोचिंग सेंटरों के 9 मालिकों और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया।
- मई 2026: तक्षशिला एकेडमी के डायरेक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता को जमानत मिली।
किन कोचिंग संस्थानों पर लगे हैं आरोप?
इस घोटाले में केवल एक नहीं, बल्कि कई कोचिंग सेंटरों के नाम सामने आए हैं। ACB ने जांच के दौरान रविंद्र इंस्टीट्यूट, किरण इंस्टीट्यूट, परिणाम इंस्टीट्यूट, तक्षशिला ट्यूशन सेंटर, मोमेंटम ट्यूशन सेंटर, प्रयास कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘पहल’ नाम के एक NGO के संचालकों को भी गिरफ्तार किया था। यह पूरा मामला करीब 37.20 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना क्या है?
यह दिल्ली सरकार द्वारा दिसंबर 2017 में शुरू की गई एक योजना है, जिसका मकसद अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के जरूरतमंद छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराना था।
इस घोटाले में कुल कितने पैसों के हेरफेर का आरोप है?
अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार, ACB ने 37.20 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में गिरफ्तारियां की हैं, जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया था कि 15 करोड़ के बजट के मुकाबले 142 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी बिल पास किए गए।