Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने के मामले में एक आरोपी को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने पाया कि यह मामला दो वयस्क लोगों के बीच आपसी सहमति से बनाए गए संबंधों का लग रहा है। यह मामला वसं
Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने के मामले में एक आरोपी को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने पाया कि यह मामला दो वयस्क लोगों के बीच आपसी सहमति से बनाए गए संबंधों का लग रहा है। यह मामला वसंत कुंज साउथ थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा
शिकायतकर्ता और आरोपी मई 2025 में एक मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए मिले थे। इसके बाद 2 मई 2026 को शिकायतकर्ता ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। एडिशनल सेशन जज सैयद जीशान अली वारसी ने सुनवाई के दौरान कहा कि पहली नजर में यह मामला दो समझदार वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्तों का लगता है।
BNS की धारा 69 और कानूनी प्रावधान
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज था। इस धारा में धोखे से या शादी का वादा करके यौन संबंध बनाने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। कोर्ट अक्सर इस बात की जांच करता है कि वादा शुरू से ही झूठा था या बाद में परिस्थितियों की वजह से शादी नहीं हो पाई। अगर रिश्ता लंबे समय तक चला हो, तो उसे सहमति वाला माना जाता है।
जमानत के लिए कोर्ट ने क्या शर्तें रखीं
कोर्ट ने आरोपी को पर्सनल बॉन्ड और Surety बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है। साथ ही कुछ शर्तें भी लगाई हैं जैसे कि आरोपी अब कोई ऐसा अपराध नहीं करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। उसे अपना मोबाइल नंबर चालू रखना होगा और पते में बदलाव होने पर कोर्ट और जांच अधिकारी को सूचित करना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BNS की धारा 69 क्या है?
BNS की धारा 69 के तहत अगर कोई व्यक्ति शादी का झूठा वादा करके या धोखे से किसी महिला के साथ यौन संबंध बनाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
कोर्ट ने जमानत देने का मुख्य आधार क्या माना?
कोर्ट ने माना कि मामला दो वयस्क लोगों के बीच आपसी सहमति से बने संबंधों का लग रहा है, इसलिए आरोपी को नियमित जमानत दे दी गई।