Delhi: राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जामिया नगर में पुलिस चौकी जलाने से जुड़े 19 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस MLA Asif Mohammad Khan और 12 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दि
Delhi: राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जामिया नगर में पुलिस चौकी जलाने से जुड़े 19 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस MLA Asif Mohammad Khan और 12 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। यह घटना 22 अगस्त 2007 की है, जब इलाके में भारी हिंसा और दंगे हुए थे।
किन धाराओं के तहत लगे आरोप और कौन हैं आरोपी
स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले में गैरकानूनी सभा, दंगा करने, हत्या के प्रयास और डकैती जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 4 और IPC की धारा 149 भी लगाई गई है।
आरोप तय किए गए लोगों की लिस्ट इस प्रकार है:
- Asif Mohammad Khan (पूर्व MLA)
- Abbas alias Mistry
- Shoaib Danish
- Jamaluddin
- Liyakat Ali alias Guddu Tyagi
- Kamruddin
- Sultan Akhtar
- Abdul Naseem alias Babu
- Saifullah Siddique alias Shafi
- Tahir Neta
- Masood Ahmed alias Raja Transporter
- Amzad Khan alias Guddu Tanki Satlewala
- Rafat Satlewala
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर क्या कहा
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। जज ने जांच को मनगढ़ंत बताया और कहा कि पुलिस ने गंभीर लापरवाही की है। कोर्ट ने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि पुलिस टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड कराने में नाकाम रही।
इस केस में शुरू में दिल्ली पुलिस ने कुल 36 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण 12 जीवित आरोपियों को बरी कर दिया है। अब जिन 13 लोगों पर आरोप तय हुए हैं, उन्हें 8 जून को औपचारिक तौर पर इन आरोपों पर साइन करने के लिए बुलाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह मामला कितने साल पुराना है और कहाँ का है?
यह मामला 22 अगस्त 2007 का है, जो लगभग 19 साल पुराना है। यह घटना दिल्ली के जामिया नगर इलाके की है जहाँ एक पुलिस चौकी को आग लगा दी गई थी।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ क्या टिप्पणी की?
स्पेशल जज विशाल गोगने ने दिल्ली पुलिस की जांच को मनगढ़ंत बताया और टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड न कराने जैसी गंभीर खामियों की वजह से पुलिस की आलोचना की।