Delhi: Rouse Avenue District Court ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व CBI इंस्पेक्टर Kapil Dhanked को डिस्चार्ज कर दिया है। स्पेशल जज Atul Krishna Agrawal ने 23 मई 2026 को यह आदेश जारी किया। इस केस में उन पर जांच की गोप
Delhi: Rouse Avenue District Court ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व CBI इंस्पेक्टर Kapil Dhanked को डिस्चार्ज कर दिया है। स्पेशल जज Atul Krishna Agrawal ने 23 मई 2026 को यह आदेश जारी किया। इस केस में उन पर जांच की गोपनीयता लीक करने और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे।
क्या थे कपिल धनखेड पर आरोप?
CBI ने आरोप लगाया था कि कपिल धनखेड और कुछ अन्य अधिकारियों ने मिलकर बैंक कंसोर्टियम से जुड़ी एक शिकायत को जानबूझकर कई हफ्तों तक अटकाए रखा। आरोप था कि गोपनीय जानकारी निजी लोगों के साथ साझा की गई और इस काम के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत ली गई ताकि शिकायत की प्रक्रिया में देरी हो सके और गलत फायदा उठाया जा सके।
कोर्ट ने क्यों किया बरी?
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि कपिल धनखेड के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। कोर्ट ने बताया कि एक सीनियर CBI अधिकारी द्वारा रिकॉर्ड किए गए कबूलनामे को सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता क्योंकि वह पुलिस अधिकारी के सामने दिया गया था और उसकी रिकॉर्डिंग के कुछ हिस्से म्यूट या एडिट किए गए थे। साथ ही, रिश्वत के पैसों के लेन-देन का कोई सीधा सबूत नहीं मिला और न ही आरोपी से कोई पैसा बरामद हुआ।
अन्य अधिकारियों पर क्या हुआ असर?
जहाँ कपिल धनखेड को राहत मिली है, वहीं पूर्व CBI अधिकारी R.K. Rishi को डिस्चार्ज करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट का मानना है कि आर.के. ऋषि के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। कपिल धनखेड की तरफ से वकील Hemant Shah, Akshay Rana और उनकी टीम ने पैरवी की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कपिल धनखेड को कोर्ट ने क्यों छोड़ा?
कोर्ट ने पाया कि रिश्वत के लेन-देन का कोई सीधा सबूत नहीं था और रिकॉर्ड की गई गवाही के हिस्से एडिट किए गए थे, इसलिए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
इस मामले में क्या आरोप लगे थे?
उन पर आरोप था कि उन्होंने 10 लाख रुपये की रिश्वत लेकर बैंक से जुड़ी एक CBI जांच को जानबूझकर लटकाया और गोपनीय जानकारी लीक की।