NEET पेपर लीक मामला: Delhi की कोर्ट ने CBI के लिए सरकारी वकील नियुक्त करने का दिया आदेश
Delhi: NEET UG पेपर लीक मामले में Rouse Avenue कोर्ट ने एक बड़ा निर्देश जारी किया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि CBI की तरफ से कोई वकील मौजूद नहीं था। इस पर नाराजगी जताते हुए स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलीगा ने
Delhi: NEET UG पेपर लीक मामले में Rouse Avenue कोर्ट ने एक बड़ा निर्देश जारी किया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि CBI की तरफ से कोई वकील मौजूद नहीं था। इस पर नाराजगी जताते हुए स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलीगा ने डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को आदेश दिया है कि वे तुरंत एक सरकारी वकील (Public Prosecutor) नियुक्त करें जो इस केस में CBI का पक्ष रख सके।
यह मामला पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत चल रहा है। इसी कानून के तहत 23 जुलाई 2026 को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था ताकि परीक्षाओं में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाई जा सके और दोषियों को जल्द सजा मिले। कोर्ट ने दिनेश बीवाल और विकास बीवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई को अब 3 अगस्त तक के लिए टाल दिया है।
केस की गंभीरता को देखते हुए CBI ने पहले ही कहा था कि पेपर लीक एक बड़ा अपराध है जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और देश की साख को नुकसान पहुँचा। इस मामले में अब तक कुल 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जिनकी हिरासत 6 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
मामले की अन्य जानकारियाँ नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| FIR दर्ज होने की तारीख | 12 मई 2026 |
| कोर्ट का नाम | Rouse Avenue Special Fast Track Court |
| जमानत याचिकाएं टली | दिनेश बीवाल और विकास बीवाल (अगली तारीख 3 अगस्त) |
| कुल आरोपी हिरासत में | 13 |
| हिरासत की समय सीमा | 6 अगस्त तक |
| संबंधित कानून | Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 |
इससे पहले 24 जुलाई को कोर्ट ने डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। वहीं, मनीषा संजय हवलदार के हस्ताक्षर और लिखावट के पुराने सैंपल कम होने की वजह से CBI को दोबारा सैंपल लेने की अनुमति दी गई है। आरोपियों की तरफ से वकील ए पी सिंह कोर्ट में पेश हुए थे।