Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने Al-Falah यूनिवर्सिटी के चेयरमैन Jawad Ahmad Siddiqui को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी राहत देने से मना कर दिया है। जज शीतल चौधरी प्रधान ने शनिवार, 2 मई 2026 को उनकी नियमित जमानत अर्जी खारिज कर
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने Al-Falah यूनिवर्सिटी के चेयरमैन Jawad Ahmad Siddiqui को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी राहत देने से मना कर दिया है। जज शीतल चौधरी प्रधान ने शनिवार, 2 मई 2026 को उनकी नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि आरोपी के खिलाफ लगे आरोप बहुत गंभीर हैं और इस समय उन्हें राहत देना सही नहीं होगा।
चेयरमैन पर क्या हैं आरोप और कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने पाया कि Jawad Ahmad Siddiqui का Al-Falah ग्रुप के कामकाज और पैसों के लेन-देन में मुख्य रोल था। आरोप है कि वह WhatsApp ग्रुप के जरिए फंड ट्रांसफर और वित्तीय फैसले लेते थे। ED ने कोर्ट में दलील दी कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर UGC और NAAC की मान्यता के झूठे दावे किए गए थे, जबकि असल में वह मान्यता खत्म हो चुकी थी या थी ही नहीं। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने धोखाधड़ी के जरिए पैसा कमाया और उसे इधर-उधर किया।
कितने करोड़ का है घोटाला और क्या-क्या जब्त हुआ?
ED की जांच में सामने आया है कि Al-Falah यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के जरिए करीब 493.24 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। एजेंसी ने अब तक कई संपत्तियां जब्त की हैं, जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| जब्त संपत्ति/विवरण |
अनुमानित कीमत |
| Al-Falah यूनिवर्सिटी कैंपस |
144.09 करोड़ रुपये |
| जामिया नगर में घर और फरीदाबाद में खेती की जमीन |
39 करोड़ रुपये से ज्यादा |
| कुल मनी लॉन्ड्रिंग की रकम |
493.24 करोड़ रुपये |
अब तक का पूरा मामला क्या है?
Siddiqui को पहली बार नवंबर 2025 में छात्रों से धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 24 मार्च 2026 को उन्हें दिल्ली में 45 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी से लेने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया गया। इस बीच, हरियाणा सरकार ने गवर्नेंस और पैसों की गड़बड़ी को देखते हुए Al-Falah यूनिवर्सिटी को अपने सीधे नियंत्रण में ले लिया है। फिलहाल आरोपी तिहाड़ जेल में बंद हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Jawad Ahmad Siddiqui को जमानत क्यों नहीं मिली?
दिल्ली कोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना और कहा कि आरोपी का यूनिवर्सिटी के वित्तीय फैसलों में मुख्य रोल था। साथ ही, ED ने सबूत पेश किए कि यूनिवर्सिटी ने मान्यता के झूठे दावे किए थे।
ED ने अब तक कितनी संपत्ति जब्त की है?
ED ने यूनिवर्सिटी कैंपस (144.09 करोड़) और जामिया नगर व फरीदाबाद की संपत्तियां (39 करोड़ से ज्यादा) जब्त की हैं। कुल घोटाले की रकम 493.24 करोड़ रुपये बताई गई है।