Delhi: राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति Jitender और उसकी मां Rambati को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह कानूनी लड़ाई करीब 10 साल तक चली, जिसके बाद अब
Delhi: राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति Jitender और उसकी मां Rambati को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह कानूनी लड़ाई करीब 10 साल तक चली, जिसके बाद अब पीड़ितों को न्याय मिला है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई मौत
Pooja की शादी जून 2011 में Jitender के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही Pooja को दहेज के लिए परेशान किया गया। ससुराल वालों ने महंगी मोटरसाइकिल और कैश की मांग की थी। पहले 10 हजार और फिर 50 हजार रुपये मांगे गए, जबकि सास Rambati ने अपनी बेटी की शादी के लिए 1 लाख रुपये की मांग की थी। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते 21 अगस्त 2016 को East Gokalpur स्थित अपने ससुराल में Pooja ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
कोर्ट ने किन धाराओं के तहत सुनाई सजा
Additional Sessions Judge Harvinder Singh ने मामले की सुनवाई की और 30 मई 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने पाया कि Pooja के साथ उसकी शादीशुदा जिंदगी में लगातार क्रूरता हुई थी। अदालत ने पति और सास को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304B (दहेज मृत्यु) और धारा 498A (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) के तहत दोषी पाया। कानून के मुताबिक, अगर शादी के सात साल के भीतर किसी महिला की असामान्य परिस्थितियों में मौत होती है और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया हो, तो उसे दहेज मृत्यु माना जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दहेज हत्या के लिए किन कानूनी धाराओं का इस्तेमाल हुआ
इस मामले में पति और सास को IPC की धारा 304B, जो दहेज मृत्यु से संबंधित है, और धारा 498A, जो ससुराल वालों द्वारा की गई क्रूरता के लिए है, के तहत सजा मिली है।
कोर्ट ने दोषी किसे माना और फैसला कब आया
अदालत ने पति Jitender और उसकी मां Rambati को दोषी माना। यह फैसला Additional Sessions Judge Harvinder Singh द्वारा 30 मई 2026 को सुनाया गया।