Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर रामनीश और रिटायर्ड ACP वी.के. पांडे को दोषी ठहराया है। इन अधिकारियों ने 26 साल पहले एक IRS अफसर के घर प
Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर रामनीश और रिटायर्ड ACP वी.के. पांडे को दोषी ठहराया है। इन अधिकारियों ने 26 साल पहले एक IRS अफसर के घर पर गलत तरीके से छापा मारा था। यह फैसला 18 अप्रैल 2026 को मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट ने सुनाया।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई?
यह मामला 19 अक्टूबर 2000 का है। उस समय अशोक कुमार अग्रवाल नाम के एक IRS अफसर दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर थे। कोर्ट ने पाया कि रामनीश और वी.के. पांडे ने जानबूझकर और गलत इरादे से उनके घर पर छापा मारा था। इससे पहले सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने अग्रवाल के सस्पेंशन की समीक्षा करने का आदेश दिया था, जिसे नजरअंदाज कर यह रेड की गई थी।
कोर्ट ने किन धाराओं में दोषी माना और क्या थे सबूत?
अदालत ने पाया कि आरोपियों ने कानून की शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया और जबरन घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। पीड़ित अफसर के हाथ पर चोट के निशान भी मिले थे, जिसका कोई जवाब आरोपी नहीं दे पाए। कोर्ट ने इन्हें IPC की इन धाराओं के तहत दोषी माना है:
- धारा 323: स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
- धारा 427: शरारत या नुकसान पहुँचाना
- धारा 448: आपराधिक अतिचार (बिना अनुमति घर में घुसना)
- धारा 34: सामान्य इरादे से किया गया कार्य
दोषी अधिकारियों की जानकारी और आगे की कार्रवाई
| नाम |
पद (उस समय) |
वर्तमान स्थिति |
| रामनीश |
DSP, CBI |
Joint Director, CBI (1994 बैच IPS, गुजरात कैडर) |
| वी.के. पांडे |
इंस्पेक्टर, CBI |
रिटायर्ड ACP |
दोषी अधिकारियों ने सरकारी काम के दौरान सुरक्षा (Official Protection) की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया। अब इस मामले में सजा का ऐलान 27 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।