Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने साल 2007 के जामिया नगर दंगा मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज Vishal Gogne ने इस केस में 12 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच के तरीके पर गहरी नाराजगी ज
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने साल 2007 के जामिया नगर दंगा मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज Vishal Gogne ने इस केस में 12 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच के तरीके पर गहरी नाराजगी जताई और इसे मनगढ़ंत बताया। वहीं, इस मामले में 13 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस की जांच में क्या कमियां पाई गईं?
अदालत ने स्पष्ट कहा कि पुलिस ने इस मामले में बहुत लापरवाही बरती है। जज ने कहा कि पुलिस गवाहों की पहचान पहले से तय थी और कई गिरफ्तारियां बिना किसी ठोस आधार के की गईं। सबसे बड़ी गलती यह रही कि पुलिस ने Identification Parade (TIP) नहीं करवाई, जो कि कानूनी रूप से बहुत जरूरी था। कोर्ट ने माना कि बिना TIP के आरोपियों की पहचान पर गंभीर संदेह पैदा होता है।
किन लोगों पर तय हुए आरोप और क्या था मामला?
यह पूरा मामला 22 सितंबर 2007 को जामिया नगर में हुए दंगों से जुड़ा है, जिसमें भीड़ ने जामिया नगर पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। कोर्ट ने कांग्रेस नेता Asif Mohammad Khan समेत 13 लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इनमें Sarik, Bhura, Abbas Mistri, Shahnawaz और Naresh Yadav जैसे नाम शामिल हैं। इन लोगों पर भीड़ को उकसाने और हिंसा फैलाने का आरोप है।
बरी हुए और आरोपी लोगों की सूची
अदालत ने 12 लोगों को सबूतों के अभाव और गलत जांच की वजह से बरी कर दिया है। वहीं, जिन 13 लोगों पर केस चलेगा, उनमें ये नाम शामिल हैं:
- Asif Mohammad Khan (कांग्रेस नेता)
- Sarik, Bhura, Abbas Mistri, Shahnawaz
- Naresh Yadav, Shoaib Danish, Jamaluddin
- Liaqat Ali, Qamaruddin, Sultan Akhtar
- Abdul Naseem, Saifullah Siddiqui, Tahir Neta
- Masood Ahmed, Nayabuddin, Amjad Khan, Rafat Satlewala
Frequently Asked Questions (FAQs)
2007 जामिया नगर दंगा मामला क्या था?
यह मामला 22 सितंबर 2007 का है जब जामिया नगर इलाके में दंगे हुए थे और भीड़ ने वहां के पुलिस स्टेशन को आग लगा दी थी।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को क्यों फटकारा?
कोर्ट ने पुलिस की जांच को मनगढ़ंत बताया और कहा कि पुलिस ने जरूरी Identification Parade (TIP) नहीं करवाई और गवाहों की पहचान पहले से तय थी।