Delhi में प्रदर्शनकारियों ने SHO को घसीटा और पीटा, हेलमेट ने बचाई जान; 118 पुलिसकर्मी घायल

Delhi: राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके में सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भारी बवाल हो गया। इस हिंसा में कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के SHO सुखबीर सिंह मलिक पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। भीड़ ने उन्हें जमी

Delhi: राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके में सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भारी बवाल हो गया। इस हिंसा में कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के SHO सुखबीर सिंह मलिक पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। भीड़ ने उन्हें जमीन पर घसीटा और बुरी तरह पीटा, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं।

SHO सुखबीर सिंह मलिक ने बताया कि हमले के दौरान उनके दोनों कोहनियों, पिंडली की मांसपेशियों और कमर में चोट लगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, जिसकी वजह से उनका सिर गंभीर चोट से बच गया। इस घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी चोटों के बावजूद SHO मलिक मंगलवार को जंतर-मंतर में अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे।

यह पूरी घटना रीगल सिनेमा के पास हुई जब करीब 5,000 लोगों की भीड़ में से 200 से 250 प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस मार्च का संबंध NEET-UG 2026 पेपर लीक और शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों से था। इस हिंसा में ACP और हेड कांस्टेबल समेत कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की।

पुलिस के मुताबिक, उस समय नई दिल्ली जिले में मानसून सत्र की सुरक्षा के कारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। पुलिस ने भीड़ से इलाका खाली करने की बार-बार अपील की थी। अब दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरा, मोबाइल रिकॉर्डिंग और बॉडी-वर्न कैमरों की मदद से उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने हिंसा की।

इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना की, जबकि कांग्रेस पार्टी ने कहा कि उनके नेताओं को संसद में छात्रों की बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी समेत कई बड़े कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने RML अस्पताल जाकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।