Delhi के Connaught Place में शाम होते ही सन्नाटा, विरोध प्रदर्शन के चलते 6:30 बजे बंद हुए सभी बाजार

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली का सबसे व्यस्त इलाका Connaught Place (CP) गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को शाम होते ही किसी ‘घोस्ट टाउन’ जैसा नजर आया। NEET UG परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर Cockroach Janta Party

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली का सबसे व्यस्त इलाका Connaught Place (CP) गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को शाम होते ही किसी ‘घोस्ट टाउन’ जैसा नजर आया। NEET UG परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के बढ़ते विरोध प्रदर्शन के कारण यहां के सभी दुकान, ऑफिस और रेस्टोरेंट को शाम 6:30 बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया था। इस वजह से सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ।

New Delhi Traders Association (NDTA) ने NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन से मिले निर्देशों के बाद व्यापारियों के लिए यह एडवाइजरी जारी की थी। इसका मकसद किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और संपत्ति के नुकसान या चोट से व्यापारियों को बचाना था। NDTA के प्रेसिडेंट अतुल भार्गवा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों की वजह से व्यापार पर बुरा असर पड़ा है और दुकानों व कैफे की कमाई घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत रह गई है। साथ ही, मेट्रो स्टेशन बंद होने और ऑटो के किराए बढ़ने से कर्मचारियों को भी काफी परेशानी हुई।

इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सरकार के इस फैसले और भारी सुरक्षा पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या केंद्र सरकार एक बार फिर जंतर-मंतर पर छात्रों पर हमला करने की तैयारी में है। वहीं, CJP प्रतिनिधि अभिजीत डिपके ने आरोप लगाया कि बीजेपी बाहरी लोगों को लाकर शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन में खलल डाल रही है। दूसरी तरफ, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार शाम को तोलस्टॉय मार्ग के पास काफी हिंसा हुई थी। वहां उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिसमें एसीपी जय प्रकाश और एसीपी विवेक भगत समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने इन घटनाओं को लेकर अब तक 10 FIR दर्ज की हैं। सुरक्षा कारणों से बुधवार को दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन भी बंद रखे गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, जबकि CJP ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।