Finance: दिल्ली में व्यापार करने वाले लोगों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के लिए बुरी खबर है। 1 मई 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़
Finance: दिल्ली में व्यापार करने वाले लोगों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के लिए बुरी खबर है। 1 मई 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़ गए हैं, जिससे अब दिल्ली में इसकी कीमत 3071.50 रुपये हो गई है।
कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतें और असर
राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनियों ने हर महीने की पहली तारीख को होने वाले बदलाव के तहत यह फैसला लिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों और थोक वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए है। वैश्विक बाजार में अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर अब भारत में दिख रहा है।
किसे होगा असर और क्या रहेगा स्थिर
इस बदलाव से आम जनता की रसोई पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और एयरलाइंस के लिए इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम भी स्थिर रखे गए हैं।
| आइटम |
बदलाव |
वर्तमान स्थिति (Delhi) |
| 19kg कमर्शियल सिलेंडर |
₹993 की बढ़ोतरी |
₹3071.50 |
| घरेलू एलपीजी सिलेंडर |
कोई बदलाव नहीं |
स्थिर |
| पेट्रोल और डीजल |
कोई बदलाव नहीं |
स्थिर |
| ATF (विमान ईंधन) |
कोई बदलाव नहीं |
स्थिर |
सिलेंडर डिलीवरी के लिए नया नियम क्या है
1 मई से एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए अब डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। अब जब सिलेंडर घर या दुकान पर आएगा, तो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा। डिलीवरी बॉय को वह ओटीपी बताना होगा, तभी सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी है?
नहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह बढ़ोतरी केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों पर लागू हुई है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
वैश्विक स्तर पर अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे भारत में भी दाम बढ़े हैं।