Delhi के 1000 कोचिंग संस्थानों को रेखा गुप्ता का अल्टीमेटम, एक महीने में सुरक्षा नियम नहीं माने तो होंगे सील
Delhi: राजधानी दिल्ली में कोचिंग सेंटर्स को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के लगभग 1000 कोचिंग संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे एक महीने के भीतर सभी सुरक्षा नियमों को पूरा कर लें। अगर तय
Delhi: राजधानी दिल्ली में कोचिंग सेंटर्स को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के लगभग 1000 कोचिंग संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे एक महीने के भीतर सभी सुरक्षा नियमों को पूरा कर लें। अगर तय समय में काम नहीं हुआ, तो इन संस्थानों को सील कर दिया जाएगा। यह फैसला लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना के बाद लिया गया है, जिसमें 15 छात्रों की जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27-28 जून, 2026 को यह आदेश जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी कहा है कि नियमों का पालन न करने वाले सेंटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
नए नियमों के मुताबिक, अब हर कोचिंग सेंटर को Delhi Fire Service से फायर एनओसी लेना जरूरी होगा। सेंटर के मुख्य गेट पर फायर ऑडिट रिपोर्ट लगानी होगी। साथ ही, अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट होना अनिवार्य है। अब बेसमेंट में क्लास चलाने की अनुमति नहीं होगी और कोचिंग केवल उन्हीं इमारतों में चल सकेंगे जिन्हें कमर्शियल इस्तेमाल की मंजूरी मिली हो। एक कमरे में बैठने वाले छात्रों की संख्या की भी सीमा तय की गई है।
सरकार ने छात्रों से भी अपील की है कि अगर उन्हें अपने कोचिंग सेंटर में सुरक्षा की कोई कमी दिखे, तो वे ईमेल, मैसेज या फोन के जरिए सरकार को इसकी जानकारी दें। इसके अलावा, जस्टिस आर.के. गौबा समिति की सिफारिशों के आधार पर अगले तीन महीनों में एक नया कानून लाया जाएगा। इसमें फीस, रिफंड पॉलिसी और भ्रामक विज्ञापनों जैसे मुद्दों पर नियम बनाए जाएंगे। फिलहाल लखनऊ हादसे के बाद दिल्ली के 923 पंजीकृत संस्थानों के निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं।