Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने पानी की कमी का एक नया कारण बताया है, जिससे अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। CM ने कहा कि गर्मी इतनी ज्यादा है
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने पानी की कमी का एक नया कारण बताया है, जिससे अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। CM ने कहा कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि सप्लाई के दौरान पानी रास्ते में ही भाप बनकर उड़ जाता है, जिससे लोगों तक कम पानी पहुँच रहा है।
CM रेखा गुप्ता ने पानी की कमी के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक BJP कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोग पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं और तेज गर्मी की वजह से सप्लाई के दौरान पानी का वाष्पीकरण (evaporation) हो जाता है। उनका मानना है कि इसी वजह से शहर में पानी की कमी महसूस की जा रही है।
विपक्ष और एक्सपर्ट्स ने बयान पर क्यों उठाए सवाल?
पूर्व मंत्री Saurabh Bharadwaj, कांग्रेस प्रवक्ता Ragini Nayak और वकील Prashant Bhushan ने इस दावे को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि शहर में पानी की कमी का असली कारण बढ़ती डिमांड, पुराने पाइपों से लीकेज, बुनियादी ढांचे की कमी और गिरता भूजल स्तर है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बड़े शहरों में पानी की कमी का मुख्य कारण भाप बनना नहीं होता है।
दिल्ली में पानी के संकट की मौजूदा स्थिति क्या है?
दिल्ली इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रही है। यमुना के वजीराबाद बैराज में पानी का स्तर काफी नीचे गिर गया है, जिससे पानी का उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो गया है। सरकार ने आपातकालीन उपाय करते हुए अतिरिक्त टैंकर चलाने और लीकेज रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दिल्ली सरकार ने हरियाणा से अतिरिक्त पानी की मांग की है ताकि सप्लाई में कटौती को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CM रेखा गुप्ता ने पानी की कमी का क्या कारण बताया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण सप्लाई के दौरान पानी रास्ते में ही भाप बनकर उड़ जाता है, जिससे लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में पानी की किल्लत के असली कारण क्या बताए जा रहे हैं?
विपक्ष और विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की कमी का कारण बढ़ती मांग, पाइपलाइनों में लीकेज, इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या और यमुना के जल स्तर में गिरावट है।