Delhi: राजधानी में आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी की किल्लत को रोकने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार, 4 मई 2026 को दिल्ली जल बोर्ड के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया ग
Delhi: राजधानी में आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी की किल्लत को रोकने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार, 4 मई 2026 को दिल्ली जल बोर्ड के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। सरकार का मुख्य मकसद यह है कि गर्मियों में किसी भी इलाके में पानी की कमी न हो और हर घर तक सप्लाई पहुंच सके।
किन इलाकों पर रहेगा खास फोकस और क्या हैं इंतजाम
सरकार ने उन इलाकों की पहचान की है जहां अक्सर पानी की समस्या रहती है। संगम विहार, मटियाला, छत्तरपुर, देओली, तुगलकाबाद, पालम, बिजवासन और बवाना जैसे इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा। पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए शहर में ट्यूबवेलों की संख्या 5,834 से बढ़ाकर 6,200 कर दी गई है। साथ ही फिक्स सप्लाई पॉइंट्स को 8,700 से बढ़ाकर 13,000 किया गया है ताकि लोगों को आसानी से पानी मिल सके।
टैंकर माफिया पर लगाम और नए प्लांट की तैयारी
पानी की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब सभी 1,300 पानी के टैंकरों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा और ड्राइवरों के लिए एक खास ऐप बनाया जा रहा है ताकि सप्लाई का डिजिटल सबूत रहे। इसके अलावा, पश्चिम दिल्ली की जरूरतों को पूरा करने के लिए द्वारका में दूसरे 50 MGD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के प्रभावित इलाकों में भी नए प्लांट लगाने की योजना है।
ग्राउंड वाटर बचाने के लिए नए नियम और इमरजेंसी सेंटर
गिरते जलस्तर को रोकने के लिए अब नए बोरवेल के लिए NOC लेने हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। यह नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों संपत्तियों पर लागू होगा। आम जनता की मदद के लिए शहर में 28 इमरजेंसी सेंटर बनाए गए हैं जो 24 घंटे काम करेंगे। यहां CCTV और पर्याप्त स्टाफ तैनात रहेगा ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके। साथ ही, यमुना और मुनक नहर में अमोनिया के स्तर को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार के साथ बातचीत की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गर्मियों में पानी की कमी दूर करने के लिए सरकार ने कितने टैंकर तैनात किए हैं?
सरकार ने कुल 1,200 पानी के टैंकर तैनात किए हैं और 100 टैंकर स्टैंडबाय पर रखे हैं। पारदर्शिता के लिए इन सभी 1,300 टैंकरों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
नए बोरवेल के लिए NOC पाने के लिए अब क्या जरूरी है?
अब सरकारी और निजी दोनों तरह की संपत्तियों के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, तभी बोरवेल के लिए NOC मिलेगी।