Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सोमवार, 5 मई 2026 को सचिवालय में एक बड़ी बैठक की। इस मीटिंग का मकसद आने वाली गर्मियों में शहर में पानी की किल्लत को रोकना और मैनेजमेंट प्लान को परखना था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सोमवार, 5 मई 2026 को सचिवालय में एक बड़ी बैठक की। इस मीटिंग का मकसद आने वाली गर्मियों में शहर में पानी की किल्लत को रोकना और मैनेजमेंट प्लान को परखना था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पानी की सप्लाई में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
पानी की किल्लत दूर करने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
सरकार ने पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब शहर में चलने वाले ट्यूबवेल की संख्या 5,834 से बढ़ाकर 6,200 कर दी गई है। पानी के टैंकरों की संख्या भी 1,166 से बढ़ाकर 1,210 की गई है और 100 टैंकर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। इसके अलावा, फिक्स्ड वाटर सप्लाई पॉइंट्स को 8,700 से बढ़ाकर 13,000 कर दिया गया है ताकि लोगों को पानी मिलने में आसानी हो।
शिकायत करने के लिए कौन से हेल्पलाइन नंबर चालू हैं?
आम जनता की समस्याओं को तुरंत सुलझाने के लिए 28 वाटर इमरजेंसी सेंटर बनाए गए हैं जो 24 घंटे काम करेंगे। लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए 1916 और 1800117118 हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही चैटबॉट सिस्टम और कॉल सेंटर भी एक्टिव कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि हर शिकायत का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए।
लंबे समय के लिए क्या प्लान तैयार किया गया है?
सरकार सिर्फ अभी की राहत नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी काम कर रही है। Dwarka में 50 MGD का दूसरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और Bawana में 2 MGD का रिसाइक्लिंग प्लांट शुरू किया जाएगा। साल 2025-26 के दौरान 520 नए ट्यूबवेल लगाए गए और 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनों को बदला गया है। कच्चे पानी की सप्लाई और अमोनिया लेवल की निगरानी के लिए Haryana सरकार के साथ भी तालमेल बिठाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पानी की समस्या के लिए दिल्ली सरकार ने कौन से हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं?
दिल्ली सरकार ने पानी से जुड़ी शिकायतों के लिए 1916 और 1800117118 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो 24 घंटे चालू रहेंगे।
गर्मियों के लिए टैंकरों और ट्यूबवेल की क्या व्यवस्था है?
ट्यूबवेल की संख्या बढ़ाकर 6,200 और टैंकरों की संख्या 1,210 कर दी गई है, साथ ही 100 अतिरिक्त टैंकर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।