Delhi की अनधिकृत कॉलोनियों को मालिकाना हक दिलाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने केंद्र से मांगे 100 करोड़ रुपये
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ‘प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना’ (PM-UDAY) क
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ‘प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना’ (PM-UDAY) के संशोधित रूप को सही तरीके से लागू करने के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मांगी है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने 12 जुलाई, 2026 को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखा है।
इस योजना का मुख्य मकसद दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को उनकी संपत्ति के कानूनी दस्तावेज देना है। इससे लोग अपनी प्रॉपर्टी को कानूनी रूप से बेच सकेंगे और बैंक से लोन भी ले पाएंगे। अप्रैल 2026 में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इन कॉलोनियों को ‘जैसा है, वैसा है’ के आधार पर नियमित करने का ऐलान किया था, जिससे अब पुराने लेआउट प्लान की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया था और अब इसे जमीन पर उतारने के लिए फंड की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगे गए 100 करोड़ रुपये का पूरा ब्योरा भी दिया है, जिसका इस्तेमाल तकनीक और जागरूकता के लिए किया जाएगा:
| काम का विवरण | अनुमानित खर्च |
|---|---|
| ‘दृष्टि’ (DRISHTI) आधुनिक भू-सर्वेक्षण और मैपिंग सिस्टम | 65 करोड़ रुपये |
| 13 जिलों और मुख्यालय में PM-UDAY सेल की स्थापना | 25 करोड़ रुपये |
| जन जागरूकता और प्रचार-प्रसार अभियान | 10 करोड़ रुपये |
योजना के तहत दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग नोडल एजेंसी होगा, जो सभी जिलों में ADM की देखरेख में सेल बनाएगा। DDA का जीआईएस सर्वे 7 दिनों में पूरा होगा और उसके बाद 45 दिनों के भीतर मालिकाना हक के दस्तावेज (कन्वेयंस डीड) जारी किए जाएंगे। बता दें कि 31 अक्टूबर, 2026 तक आवेदन की तारीख बढ़ा दी गई है। मार्च 2026 तक करीब 40,000 दस्तावेज जारी हो चुके हैं और फिलहाल 1.31 लाख आवेदन प्रक्रिया में हैं।