Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि राजधानी में बढ़ता प्रदूषण सिर्फ कुछ महीनों की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरे साल चलने वाली एक बड़ी चुनौती है, जिससे लड़ने के लिए सरकार लगातार कोशिशें कर
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि राजधानी में बढ़ता प्रदूषण सिर्फ कुछ महीनों की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरे साल चलने वाली एक बड़ी चुनौती है, जिससे लड़ने के लिए सरकार लगातार कोशिशें कर रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि पर्यावरण को सुधारने के लिए प्रशासन को हर स्तर पर काम करना होगा ताकि प्रदूषण को उसकी जड़ से खत्म किया जा सके।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
दिल्ली सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए ‘Air Pollution Mitigation Action Plan 2026’ तैयार किया है। इसके तहत धूल को रोकने के लिए खास अभियान चलाए जा रहे हैं और सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। साथ ही, सरकार ने क्लाउड सीडिंग और मिस्ट-बेस्ड सिस्टम जैसे नए प्रयोग भी शुरू किए हैं। इन कामों में IIT Delhi भी अपनी तकनीकी मदद दे रहा है।
बजट और प्लानिंग का क्या है अपडेट?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 3 अप्रैल 2026 को प्रदूषण कम करने का एक्शन प्लान पेश किया था। यह पूरा प्लान सरकार के ‘Green Budget 2026-27’ पर आधारित है। सीएम ने पहले यह भी कहा था कि दिल्ली के प्रदूषण संकट को पूरी तरह सुलझाने में कम से कम 27 महीने लगेंगे, क्योंकि पिछले 27 सालों से इस दिशा में काम नहीं हुआ था।
किसे मिली जिम्मेदारी और कौन है शामिल?
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग भी हुई थी जिसमें कैबिनेट मंत्री Pravesh Sahib Singh, Manjinder Singh Sirsa और Pankaj Kumar Singh शामिल थे। इस काम में मुख्य सचिव Rajiv Verma, Delhi Metro Rail Corporation और ट्रैफिक पुलिस के बड़े अधिकारी भी मिलकर काम कर रहे हैं। हाल ही में सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh से भी मुलाकात की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए कौन सा नया प्लान लाया गया है?
दिल्ली सरकार ने ‘Air Pollution Mitigation Action Plan 2026’ लागू किया है, जो कि ‘Green Budget 2026-27’ पर आधारित है और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देता है।
प्रदूषण को खत्म करने में कितना समय लग सकता है?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta के अनुसार, पिछले 27 सालों के अधूरे कामों और लापरवाही की वजह से इस संकट को सुलझाने में कम से कम 27 महीने का समय लगेगा।