Delhi में फिर प्रदर्शन की चेतावनी, CJP के अल्टीमेटम के बाद सुरक्षा कड़ी; पुलिस की पैनी नजर
Delhi: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन की आहट से पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में सुरक्षा
Delhi: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन की आहट से पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन हालात पर करीब से नजर रख रहा है ताकि शहर की शांति बनी रहे।
CJP ने आरोप लगाया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेने के वादे को तोड़ा है। संगठन के प्रवक्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने 27 जुलाई, 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 28 जुलाई, 2026 तक सभी FIR वापस नहीं ली गईं, छात्रों को रिहा नहीं किया गया और कानूनी मामलों पर लिखित समझौता नहीं मिला, तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
इस चेतावनी के बाद नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आधिकारिक आदेश आना बाकी है, लेकिन इस बात की संभावना है कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद FIR वापस ले ली जाएं।
बता दें कि पिछले प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण थी, तब पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी और कई लोगों को हिरासत में लिया था। दिल्ली पुलिस ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और AI कैमरों की मदद से करीब 2500 लोगों की पहचान की है। इनमें से 400 लोग ऐसे थे जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला है।
यह पूरा विवाद NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ था। जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले इस आंदोलन को 25 जुलाई, 2026 को समाप्त किया गया था, जब पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार हुआ और प्रहलाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया। अब CJP की मांग है कि इस दौरान दर्ज सभी पुलिस केस वापस लिए जाएं।