Delhi में CJP मार्च के बाद भारी हिंसा, पुलिस की गाड़ी पलटी और कई दुकानें बंद; 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के बाद हालात तनावपूर्ण रहे। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की वजह से सड़कों पर सन्नाटा छा गया और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त इलाकों में दु

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के बाद हालात तनावपूर्ण रहे। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की वजह से सड़कों पर सन्नाटा छा गया और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त इलाकों में दुकानदारों ने डर के मारे अपने शटर गिरा दिए। इस बवाल में दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी पलट गई और कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया।

यह पूरा मामला 20 जुलाई, 2026 का है जब हजारों छात्र और युवा NEET परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जब भीड़ ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

हिंसा के दौरान कनॉट प्लेस और जनपथ इलाके में काफी तोड़फोड़ हुई। झड़पों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें स्पेशल कमिश्नर और डीसीपी राजा बांठिया जैसे बड़े अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं और 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब पत्थरबाजी और हमले के मामले में कई FIR दर्ज करने की तैयारी में है।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। दूसरी तरफ CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पेपर लीक के शिकार छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सोनम वांगचुक की रिहाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

जानकारी के मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अभिजीत दिपके ने 16 मई, 2026 को शुरू किया था। यह युवाओं का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अभियान चलाता है, हालांकि यह चुनाव आयोग के पास एक रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है।