Delhi में CJP के प्रदर्शन के दौरान RAF जवानों पर तलवार और डंडों से हमला, 10 FIR दर्ज
Delhi: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान माहौल हिंसक हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने Rapid Action Force (RAF) के जवानों पर तलवारों और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले
Delhi: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान माहौल हिंसक हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने Rapid Action Force (RAF) के जवानों पर तलवारों और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 10 FIR दर्ज की हैं।
यह पूरा विवाद सोमवार, 20 जुलाई 2026 से शुरू हुए CJP के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें RAF के हेड कांस्टेबल ईश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अलावा एक अन्य जवान, जो अपने साथी को बचाने की कोशिश कर रहा था, उस पर भी हमला हुआ। कनॉट प्लेस में तैनात एक इंस्पेक्टर ने भी पत्थरबाजी और तलवारों से हमले की शिकायत की है।
New Delhi के DCP सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि RAF जवानों पर हमला हुआ है और इस संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है। दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के अलग-अलग थानों जैसे पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस, मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ में कुल 10 मामले दर्ज किए हैं। इन FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) को भी जोड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में आपराधिक साजिश, दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, एक मामले में अवैध रूप से ड्रोन चलाने और हिंसा भड़काने की साजिश रचने की भी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें RAF जवानों का पीछा कर उन पर हमला करते देखा जा सकता है।
वहीं, बुधवार 22 जुलाई को सोशल मीडिया पर पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के जो नए दावे किए जा रहे थे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।