Delhi में CJP के प्रदर्शन के दौरान भारी झड़प, 118 पुलिसकर्मी घायल और 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में

Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव हुआ। NEET पेपर लीक और CBSE की गड़बड़ियों के खिलाफ बुलाए गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हालात इतने बिगड़

Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव हुआ। NEET पेपर लीक और CBSE की गड़बड़ियों के खिलाफ बुलाए गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस हिंसा के बीच गुरुद्वारा बंगला साहिब उन घायल प्रदर्शनकारियों और राहगीरों के लिए सहारा बना, जिन्हें मदद की सख्त जरूरत थी।

यह पूरा मामला 20 जुलाई 2026 का है, जब हजारों की संख्या में छात्र और Gen Z के युवा सड़कों पर उतरे थे। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू थी, जिसके तहत बिना अनुमति भीड़ जमा करना मना था। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और शिवाजी स्टेडियम जैसे इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे आम जनता का यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इस झड़प में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर कई एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया है और 21 जुलाई को फिर से मार्च निकालने की बात कही है।

इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हैं। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा का भरोसा दिया। दूसरी तरफ, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने इस विरोध का विरोध किया और कहा कि सरकार पर दबाव डालकर किसी को बर्खास्त या नियुक्त नहीं किया जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

इस पूरे आंदोलन में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से कहीं और शिफ्ट करने के लिए कोर्ट में अपील की है। फिलहाल, प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।