Delhi में CJP के संसद मार्च के दौरान बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कई मेट्रो स्टेशन बंद
Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को उस समय तनाव फैल गया जब Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को ति
Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को उस समय तनाव फैल गया जब Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। यह पूरा मामला शास्त्री भवन और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पास का है, जहां प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
यह मार्च NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर निकाला गया था, जिसमें प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सोमवार को संसद का मानसून सत्र भी शुरू हुआ, जिसके कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी और पूरे न्यू दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू थी, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक थी।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के पांच बड़े स्टेशनों—राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट और सेवा तीर्थ को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। साथ ही, मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं। पुलिस ने बताया कि उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की और करीब 10-15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया ने भी समर्थन दिया। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, जो पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, उन्होंने अस्पताल में होने के बावजूद इस मार्च का समर्थन किया। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने वांगचुक के अनुरोध पर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर मार्च में हिस्सा लिया।
डीसीपी सचिन शर्मा ने CJP टीम से बातचीत कर सरकारी अधिकारियों से मिलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे ठुकराते हुए प्रधानमंत्री या कैबिनेट मंत्री से मिलने की जिद की। हालांकि, CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका की मुलाकात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से होनी तय है। इस विरोध की गूंज देश के अन्य शहरों जैसे अहमदाबाद, सूरत, नागपुर और भावनगर में भी देखी गई, जहां लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किए।