Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक 5 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई क्योंकि बाइक चलाते समय उसका गला चीनी मांझे से कट गया। यह हादसा तब हुआ जब बच्चा अपने परिवार के साथ बाइक पर सवार था। पु
Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक 5 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई क्योंकि बाइक चलाते समय उसका गला चीनी मांझे से कट गया। यह हादसा तब हुआ जब बच्चा अपने परिवार के साथ बाइक पर सवार था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चीनी मांझा चलाने पर क्या हैं नियम और सजा?
दिल्ली सरकार ने 10 जनवरी 2017 से ही चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। अगर कोई इस नियम को तोड़ता है, तो उसे 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है और 5 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा National Green Tribunal (NGT) ने भी इंसानों और पक्षियों की सुरक्षा के लिए देशभर में सिंथेटिक धागों पर बैन लगाया है।
प्रशासन ने इस खतरे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
दिल्ली पुलिस और राजस्व विभाग को लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है। अगस्त 2023 में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि चीनी मांझे के उत्पादन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दिल्ली पुलिस के DCP मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि धारा 144 के तहत चीनी मांझे की खरीद-बिक्री पर पाबंदी के आदेश जारी किए गए हैं।
यूपी में भी बढ़ी सख्ती, हत्या माना जाएगा मामला
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2026 में निर्देश दिया था कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को हत्या की तरह देखा जाए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि इसे बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे राज्य में अभियान चलाया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में चीनी मांझा इस्तेमाल करने पर कितनी सजा हो सकती है?
दिल्ली सरकार के नियमों के मुताबिक चीनी मांझा बेचने या इस्तेमाल करने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 5 साल तक की जेल हो सकती है।
चीनी मांझे पर बैन कब से लागू है?
दिल्ली में चीनी मांझे पर प्रतिबंध 10 जनवरी 2017 से लागू है और NGT ने भी देशभर में सिंथेटिक धागों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।