Delhi के Chhattarpur में फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 30 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू

Delhi: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित चंदन होला में रविवार तड़के एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसने करीब दो एकड़ में फैले टिन शेड इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जहां प्रदर्शनी का सामान रखा

Delhi: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित चंदन होला में रविवार तड़के एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसने करीब दो एकड़ में फैले टिन शेड इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जहां प्रदर्शनी का सामान रखा हुआ था। दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।

घटना की जानकारी रविवार, 5 जुलाई 2026 को रात करीब 2:11 बजे फायर ब्रिगेड को मिली। मौके पर पहुंची टीमों ने देखा कि आग की लपटें बहुत तेज थीं, जिसके कारण रिस्पॉन्स लेवल को ‘Make-4’ से बढ़ाकर ‘Make-6’ करना पड़ा। फायर ऑफिसर मनीष शेरावत के मुताबिक, आग बुझाने के लिए लगभग 30 दमकल गाड़ियां तैनात की गईं। करीब चार से आठ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 6:30 बजे तक आग को नियंत्रित कर लिया गया, हालांकि उसके बाद भी कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा।

इस हादसे में फैक्ट्री का टिन शेड पूरी तरह ढह गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। दमकल विभाग के डिविजनल ऑफिसर आर. अतवाल, एडीओ संतोष, एडीओ सरबजीत और स्टेशन ऑफिसर मनीष व अमित ने बचाव कार्य की कमान संभाली।

प्रशासन ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के बाद दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल बिल्डिंग्स के फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। नियमों के मुताबिक, दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम 2025 के तहत 250 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली औद्योगिक इमारतों और 100 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली खतरनाक इमारतों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) होना अनिवार्य है। अब पुलिस और फायर विभाग यह जांच करेंगे कि क्या इस फैक्ट्री ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था।