Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में घर किराये पर लेना एक बड़ी चुनौती होती है, खासकर तब जब बजट कम हो। अगर आप स्टूडेंट हैं या नौकरीपेशा और कम पैसों में एक अच्छा घर तलाश रहे हैं, तो शहर के कुछ खास इलाके आपके लिए सही विकल्प हो
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में घर किराये पर लेना एक बड़ी चुनौती होती है, खासकर तब जब बजट कम हो। अगर आप स्टूडेंट हैं या नौकरीपेशा और कम पैसों में एक अच्छा घर तलाश रहे हैं, तो शहर के कुछ खास इलाके आपके लिए सही विकल्प हो सकते हैं। यहाँ आप अपनी जरूरत के हिसाब से 1 RK, 2 BHK या 3 BHK घर चुन सकते हैं।
किराये के लिए कौन से इलाके रहेंगे किफायती
दिल्ली में कम बजट वालों के लिए नरेला और सिरसपुर जैसे इलाके काफी सस्ते रहते हैं। इसके अलावा, DDA की नई TOD नीति के तहत मेट्रो कॉरिडोर के पास किफायती आवास पर जोर दिया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली, द्वारका और रोहिणी के कुछ विकसित होते क्षेत्रों में भी बजट के अनुकूल घर मिल सकते हैं। ये इलाके उन लोगों के लिए अच्छे हैं जो मेट्रो कनेक्टिविटी और कम किराया दोनों चाहते हैं।
किरायेदारों के लिए नए नियम और अधिकार
मॉडल किरायेदारी अधिनियम 2021 के तहत अब किरायेदारों को कई अधिकार मिले हैं। अब मकान मालिक आवासीय संपत्तियों के लिए अधिकतम दो महीने का किराया ही सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में ले सकते हैं। साथ ही, किराया बढ़ाने के लिए मकान मालिक को 12 महीने में केवल एक बार मौका मिलेगा और इसके लिए 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होगा। अब मौखिक समझौतों की जगह लिखित एग्रीमेंट अनिवार्य होगा जिसे 60 दिनों के भीतर रजिस्टर कराना होगा।
मकान मालिक और किरायेदार के लिए जरूरी शर्तें
सुरक्षा के लिहाज से अब सभी किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। अगर मकान मालिक को घर का निरीक्षण करना है, तो उन्हें किरायेदार को 24 घंटे पहले लिखित नोटिस देना होगा। वहीं, विदेशी नागरिकों को घर किराये पर देने वाले मालिकों के लिए ‘फॉर्म सी’ भरना और FRRO में जानकारी देना जरूरी कर दिया गया है। विवाद होने पर अब किराया न्यायाधिकरण (Rent Tribunal) के जरिए 60 दिनों के भीतर समाधान निकालने का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सिक्योरिटी डिपॉजिट के लिए अधिकतम कितनी राशि ली जा सकती है?
नए नियमों के मुताबिक, आवासीय संपत्तियों के लिए मकान मालिक अधिकतम दो महीने का किराया सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में ले सकते हैं।
क्या मकान मालिक कभी भी किराया बढ़ा सकता है?
नहीं, मकान मालिक 12 महीने की अवधि में केवल एक बार किराया बढ़ा सकते हैं और इसके लिए उन्हें 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना होगा।