Delhi में शिक्षा के लिए ‘चलो संसद’ मार्च, पुलिस ने किया रोकने का प्रयास, आंसू गैस और लाठीचार्ज से मचा हड़कंप

Delhi: सोमवार, 20 जुलाई 2026 को दिल्ली की सड़कों पर हजारों छात्र और अभिभावक शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर उतरे। ‘चलो संसद’ मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी संसद तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने

Delhi: सोमवार, 20 जुलाई 2026 को दिल्ली की सड़कों पर हजारों छात्र और अभिभावक शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर उतरे। ‘चलो संसद’ मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी संसद तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां चलाईं।

यह पूरा विरोध प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, क्योंकि उन पर पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने शांतिपूर्ण मार्च की अपील की थी, लेकिन खबर है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस आंदोलन में SFI और AISA जैसे छात्र संगठनों के साथ-साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी अपना समर्थन दिया।

दूसरी तरफ, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 28 जून से ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब सरकार जिम्मेदारी लेगी या सांसद उनकी समस्याओं को हल करने का भरोसा देंगे, तभी वह अपनी हड़ताल खत्म करेंगे। बता दें कि 18 जुलाई को उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया था।

सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) के तहत पाबंदी लगाई थी और 5,000 से ज्यादा जवान तैनात किए थे। पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि, कुछ विरोध प्रदर्शन के नेता स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मिले और बातचीत हुई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारियों के रवैये को देश विरोधी बताया, जबकि अन्य मंत्रियों ने छात्रों की चिंता को माना लेकिन शुरुआत में बातचीत से इनकार किया था।